समाजसेवी अन्ना हजारे की जनतंत्र यात्रा का आज दूसरा दिन है। जालंधर में अपने समर्थकों से उन्होंने कहा कि केवल जन आंदोलन से ही देश में बदलाव आ सकता है। ऐसे में युवाओं की भागीदारी बेहद अहम होगी।
रविवार को अमृतसर से अन्ना ने अपने समर्थकों के साथ यह यात्रा शुरू की। यात्रा में उनके साथ पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह भी हैं। 18 महीने चलने वाली इस यात्रा में अन्ना करीब छह करोड़ लोगों से संवाद करेंगे।
अन्ना ने यात्रा शुरू करने से पहले दुर्ग्याणा मंदिर और स्वर्ण मंदिर में प्रार्थना की और जलियांवाला बाग में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। अन्ना ने कहा कि अज्ञानी लोग ही धर्म स्थलों पर हमले करवाते हैं।
अन्ना ने गरजते हुए युवाओं से कहा कि राजनीतिक गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए आजादी की दूसरी लड़ाई लड़नी होगी।
अन्ना ने युवाओं को समझाया कि विचारों के बदलाव से ही क्रांति आएगी। युवाओं को कुर्बानी देनी होगी। जेल यात्रा भी करनी होगी।
यात्रा से पहले जलियांवाला बाग के बाहर अपने विशेष वाहन की छत से रविवार सुबह अन्ना स्वर्ण मंदिर में माथा टेकने पहुंचे। एसजीपीसी के पदाधिकारियों के ओर से अन्ना को सिरोपा और पुस्तकों का सेट भेंट किया गया।
अन्ना ने वर्ष 1984 में मारे गए लोगों को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। दोषियों को सजा मिलेगी।
कपूरथला में अन्ना ने कहा कि जब तक लोगों के हाथ में सरकार गिराने की ताकत नहीं आती तब तक बदलाव नहीं आएगा। जन लोकपाल में जब तक 'राइट टू रिजेक्ट' शामिल नहीं होगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।