नौकरी की तलाश में 13 जनवरी को दुबई पहुंचे जालंधर के कस्बा शाहकोट निवासी प्रभजोत सिंह को वहां काम नहीं मिला तो तीन दिन बाद 16 जनवरी को निराशा में आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। सरबत का भला ट्रस्ट के मुखिया डॉ एसपीएस ओबरॉय के प्रयासों से प्रभजोत सिंह का पार्थिव शव शुक्रवार दोपहर श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचा। प्रभजोत सिंह का शव उनके पिता लखविंदर सिंह व उसके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया। जिस हवाई अड्डे से प्रभजोत को दुबई के लिए विदा किया था, उसी हवाई अड्डे पर पहुंचा उसका शव देख कर परिजनों के आंसू नहीं रुक रहे थे।
हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत करते हुए लखविंदर सिंह ने बताया की प्रभजोत (21) रोजी-रोटी कमाने के लिए पहली बार दुबई गया था। वह लोहड़ी के त्योहार के दिन श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से ही दुबई रवाना हुआ था। पूरा परिवार उसे हवाई अड्डे में छोड़ने के लिए आया था। दुबई पहुंचने के बाद उसको काम नहीं मिल रहा था। वह तीन दिन में ही वहां परेशान हो गया था। जिस कारण उसने वहां आत्महत्या कर ली। प्रभजोत सिंह की मौत की सूचना दुबई में रहने वाले उसके चचेरे भाइयों ने परिवार को दी। परिवार की आर्थिक स्थित ठीक न होने के कारण डॉ. ओबरॉय ने उसके पार्थिव शव को भारत पहुंचाने के लिए पूरा खर्च वहन किया। ट्रस्ट अब तक 138 पार्थिव शवों को उनके परिजनों को सौंप चुका है। हवाई अड्डे पर प्रभजोत के मामा दविंदर सिंह, चाचा परगट सिंह व ताऊ बहादुर सिंह शव को अपने गांव ले गए।