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बुत न हटाने पर सिख संगठनों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया

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अमृतसर में दरबार साहिब को जाने वाले रास्ते में हेरिटेज स्ट्रीट पर धरने पर बैठे निहंग सिंह जत्थे ब - फोटो : AMRITSAR
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सचखंड श्री हरमंदिर साहिब की तरफ जाने वाले विरासती मार्ग में स्थापित सभ्याचारक बुतों को हटाने के लिए कई सिख संगठनों के सैकड़ों सदस्यों ने इन बुतों के बाहर चोंकड़ा (पालथी) मार अनिश्चितकाल धरना व प्रदर्शन शुरू कर दिया है। हाथों में बैनर उठाये संगठनों की मांग थी कि सचखंड श्री हरमंदिर साहिब को जाने वाले रास्ते से इन बुतों को हटाकर सिख इतिहास के साथ जुड़े प्रसंगों के आधार पर बुत स्थापित किये जाएं। साथ ही संगठनों के नेताओं ने बुतों को तोड़ने के मामले में अरेस्ट किये 9 सिख नौजवानों की रिहाई की मांग भी की। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अपील की कि वह इन बुतों को हटाने के लिए कौम को निर्देश जारी करें। बुतों को हटाने के लिए कई बार धरने लगाए गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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बुतों को हटाने के लिए संघर्ष कर रही श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कमेटी के अध्यक्ष बलबीर सिंह मुछल ने कहा की प्रशासन सिखों के साथ अन्याय कर रहा है। अभी तक न तो पुलिस ने और न ही प्रशासनिक अधिकारी ने इन बुतों को हटाने के लिए सिख संगठनों के साथ बातचीत करने के लिए कोई न्योता दिया है। उन्होंने आरोप लगाया की एसएचओ कोतवाली ने गिरफ्तार नौजवानों के ककारों की बेअदबी की है। इस एसएचओ ने सिख नौजवानों को बेरहमी से पीटा है। इसके विरुद्ध भी मामला दर्ज करवाया जाएगा। एक सिख नेता ने कहा कि जब तक बुत नहीं हटाए जाते तब तक यही चोंकड़ा (पालथी) मार कर धरने पर बैठे रहेंगे। इस नेता खालिस्तान की स्थापना के लिए संघर्ष करने की आवाज भी उठाई। इस अवसर पर उन पुलिस अधिकारियों के साथ कोई भी संबंध न रखने की मांग की गई जो सिख नौजवानों के ककारों की बेअदबी के दोषी है। इस अवसर पर एसजीपीसी का घेराव करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
बुतों को हटाने के लिए सबसे पहले आवाज उठाने वाली बीबी मंजीत कौर ने कहा कि इन बुतों के पास युवा श्री हरिमंदर साहिब में जाकर टिक टोक बनाकर बेअदबी कर रहे हैं। इन बुतों को हटाकर यहां पर सिख धर्म के चिह्न स्थापित किये जाने चाहिए। प्रचारक बताएं कि ये बुत कौन सा धार्मिक संदेश देते हैं।
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जत्थेदार ने बुतों के मामले को सुलझाने के लिए गठित की तीन सदस्यीय कमेटी
सचखंड श्री हरमंदिर साहिब की तरफ जाने वाले हैरिटेज स्ट्रीट के रास्ते में स्थित धर्म सिंह मार्केट के बाहर स्थापित सभ्याचार बुतों के मामले को सुलझाने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने एक सब-कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सीनियर उपाध्यक्ष राजिंदर सिंह मेहता, एसजीपीसी के मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह व चीफ खालसा दीवान के अध्यक्ष निर्मल सिंह को शामिल किया गया है। इस कमेटी के साथ तालमेल स्थापित करने की जिम्मेदारी एसजीपीसी के अतिरिक्त सचिव सुखदेव सिंह भुराकोना को दी गई है। जानकारी देते हुए भुराकोना ने बताया की जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के आदेश के बाद गठित की कमेटी की बैठक 23 जनवरी शाम चार बजे एसजीपीसी के मुख्य दफ्तर में बुलाई गई है। कमेटी के सदस्य इस मामले पर चर्चा करने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब को रिपोर्ट पेश करेंगे। दो दिन पूर्व ही ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने इन बुतों पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा था कि सचखंड के रास्ते में इस प्रकार के बुत स्थापित नहीं किये जाने चाहिए। पंजाबी सभ्याचार व सिख विरासत में बड़ा अंतर है।

अमृतसर में दरबार साहिब को जाने वाले रास्ते में हेरिटेज स्ट्रीट पर धरने पर बैठे निहंग सिंह जत्थे ब- फोटो : AMRITSAR

अमृतसर में दरबार साहिब को जाने वाले रास्ते में हेरिटेज स्ट्रीट पर धरने पर बैठे निहंग सिंह जत्थे ब- फोटो : AMRITSAR

अमृतसर में दरबार साहिब को जाने वाले रास्ते में हेरिटेज स्ट्रीट पर धरने पर बैठे निहंग सिंह जत्थे ब- फोटो : AMRITSAR

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