अमृतसर। सिखों की सबसे पुराने शिक्षण संस्थान चीफ खालसा दीवान (सीकेडी) की ओर से संचालित सेंट्रल यतीम खाने में शरण लिए 24 विद्यार्थियों को धक्के मारने और प्रवेश करने से रोकने का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है। इन बच्चों को कोरोना के कारण बाहर निकाल दिए जाने का आरोप है। इन बच्चों ने अब श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को घटना की जानकारी दी है। जत्थेदार ने दीवान से पूरे मामले की जानकारी तलब की है।
भाई जगतार सिंह हवारा कमेटी के प्रवक्ता प्रोफेसर बलजिंद्र सिंह ने दीवान के प्रधान पर आरोप लगाया कि वह कौम के इन बच्चों के मानवीय अधिकारों की रक्षा करने में असफल रहे हैं। प्रोफेसर के अनुसार खालसा कॉलेज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाले इन बच्चों को दीवान ने कोरोना वायरस के कारण यतीम खाने से निकाल दिया था जबकि उन्हें वहीं क्वारंटीन किया जा सकता था। इन बच्चों की कक्षाएं शुरू हुए एक महीने से अधिक का समय हो चूका है लेकिन दीवान उनको वह सुविधा नहीं दे रहा है। जब यह बच्चे यतीम खाना भवन में शरण के लिए आए तो सुरक्षा कर्मचारियों ने इन्हें भीतर प्रवेश नहीं करने दिया। इन्हें धक्के मारे गए। सुबह से शाम तक गेट के बाहर खड़े बच्चे गुहार लगाते रहे।
प्रोफ़ेसर बलजिंद्र सिंह ने कहा की यदि दीवान इन बच्चों का पोषण नहीं कर सकते तो इनको भाई जगतार सिंह हवारा कमेटी को सौंप दिया जाए।