अमृतसर। भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ बुधवार को परिवार के साथ श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होने पहुंचे। दरबार साहिब में माथा टेकने के बाद उन्होंने पंगत में बैठकर लंगर छका और बर्तन साफ करने की सेवा की।
अमृतसर पहुंचने पर कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, आईएएस रमेश कुमार गैंटा, कमिश्नर कॉरपोरेशन कुमार सौरभ राज, डीसी हरप्रीत सिंह सूदन, पुलिस कमिश्नर अरुणपाल सिंह और आईजी बॉर्डर रेंज मोहनीष तथा भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्विनी शर्मा और पूर्व सांसद श्वेत मलिक ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश भी मौजूद रहे।
दरबार साहिब पहुंचने पर एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने उपराष्ट्रपति और उनके परिवार का स्वागत किया। इसके बाद वे अपने साथ उन्हें दर्शनों के लिए लेकर गए। उनके साथ दरबार साहिब की मर्यादा, सिख धर्म और सिद्धांतों बाबत जानकारी साझा की।
उपराष्ट्रपति ने इस दौरान लंगर छकने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद वे दरबार साहिब में नतमस्तक हुए और संगत में बैठ कर गुरबानी कीर्तन श्रवण किया। बाद में उन्होंने श्री अकाल तख्त पर माथा टेका। सूचना केंद्र में एसजीपीसी प्रधान धामी ने उन्हें सिरोपा, श्री हरिमंदिर साहिब का सुनहरा मॉडल और धार्मिक किताबें भेंट की गई।
शहीदों को भेंट किए श्रद्धासुमन
दरबार साहिब में माथा टेकने के बाद उपराष्ट्रपति जलियांवाला बाग पहुंचे। वहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धासुमन भेंट किए। इसके बाद वे श्री दुर्ग्याणा मंदिर पहुंचे। वहां मंदिर खुला न होने के चलते उन्हें दर्शनों के लिए कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा। श्री दुर्ग्याणा कमेटी की प्रधान प्रो. लक्ष्मीकांता चावला, अरुण खन्ना व अन्यों ने उन्हें सम्मानित भी किया। इसके बाद वे भगवान वाल्मीकि तीर्थ पहुंचे। इस मौके पर उनके साथ मंदिर कमेटी के जीएमपी कल्याण, शक्ति कल्याणा, केवल कुमार, कमल नाहर, बलदेव वडाली, इंजीनियर सतपाल सोखी और अमित कुमार आदि मौजूद रहे।