पटवारी भर्ती के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित कालेज में टेस्ट देने गए अमृतधारी सिख युवकों को ककार उतारने के लिए कहा गया। शिरोमणि कमेटी की प्रधान बीबी जागीर कौर ने इस पर सख्त नोटिस लिया है। उन्होंने इसे निंदनीय करार दिया है।
बीबी जागीर कौर का कहना है कि अमृतधारी सिख के लिए ककार शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिन्हें अलग नहीं किया जा सकता। भारत प्रत्येक नागरिक को अपने-अपने धर्म के मुताबिक रहने की इजाजत देता है। ऐसे में युवाओं को टेस्ट में बैठने के लिए ककार उतारने के लिए मजबूर करने से सिखों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ जो पंजाब का हिस्सा है, यहां सिखों की भावनाओं की अनदेखी करना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। बीबी जागीर कौर ने कहा कि लगता है कि यह सब कुछ जानबूझ कर किया गया है। उन्होंने चंडीगढ़ के प्रशासक और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री को भी कहा है कि पंजाब की राजधानी में इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। वे भी इस पर सख्त कार्रवाई करें।