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२०१९ से शुरू हुआ ड्रोन भेजने का सिलसिला

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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिये हथियार भेजने का सिलसिला शुरू हुआ। रविवार को भी ड्रोन के जरिये हथियार भेजे गए। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई कई आतंकवादी संगठनों के साथ मिलकर पंजाब के हालात खराब करना चाहते हैं। अपने इसी मकसद को लेकर पाकिस्तान की ओर से आए दिन ड्रोन भेजे जाने की खबरें मिलती रहीं हैं।
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खुफिया एजेंसियों की जांच में सामने आया था कि करीब दो साल पहले ही पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने ज्यादा भार उठाने वाले अत्याधुनिक ड्रोन खरीदे थे। यह ड्रोन एक वक्त में 15 किलो तक भार उठाकर पहुंचा सकते हैं। आईएसआई पंजाब के जरिये हथियारों को पंजाब के रास्ते जम्मू-कश्मीर तक पहुंचाना चाहती है, ताकि वहां बचे खुचे आतंकी संगठनों की मदद से वहां भी हालात खराब करवाए जा सकें।
वर्ष 2019 में फताहपुर जेल में बंद आतंकी मान सिंह के इशारे पर पाकिस्तानी ड्रोन से भारतीय क्षेत्र में हथियार गिराए गए थे। जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने क्रैश हुआ ड्रोन और हथियारों की खेप भी बरामद की थी।
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अक्तूबर 2019 को हुसैनीवाला बार्डर पर लगातार तीन दिनों तक पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय क्षेत्र में उड़ते देखे गए, जिन्हें बार्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवानों ने फायरिंग करके वापस लौटने को मजबूर कर दिया।
दिसंबर 2020 की रात गुरदासपुर सेक्टर में बीएसएफ ने पाकिस्तान की ओर से आए भारतीय क्षेत्र में उड़ते ड्रोन देखते ही फायरिंग से खदेड़ दिया।
इससे पहले गुरदासपुर सेक्टर में कलानौर इलाके में एक पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में घुसा और रस्सी के सहारे हैंड ग्रेनेड की खेप को नीचे उतार कर वापस लौट गया। बीएसएफ ने इस गांव में चलाए सर्च अभियान में 11 हैंड ग्रेनेड बरामद किए।
अभी तीन दिन पहले ही 6 अगस्त 2021 को गुरदासपुर सेक्टर में बीओपी आबाद पोस्ट और बीओपी मेताला के पास जवानों ने पाकिस्तानी ड्रोन उड़ता देखा। बीएसएफ जवानों की चौकसी के कारण इन पर की गई फायरिंग के बाद ड्रोन को पाकिस्तान लौट गए।
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