अमृतसर। पहले पातशाह श्री गुरु नानक देव जी के साथ संबंधित एतिहासिक स्थान गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब डेरा बाबा नानक की तैयार की गई नई इमारत बुधवार को पंथक रिवायतों के मुताबिक संगत को अर्पित कर दी गई। गुरुद्वारा साहिब की नवनिर्मित इमारत में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश करने के मौके पर धार्मिक दीवान सजाए गए और बड़ी संख्या में पंथक शख्सियतें समागम में शामिल हुईं।
इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि पहले पातशाह के साख संबंधित यह एतिहासिक स्थान सिख धर्म में बड़ा महत्व रखता है। मौजूदा समय में गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब पाकिस्तान का रास्ता खुलने से पूरे विश्व की संगत यहां नतमस्तक होने के लिए पहुंच रहीं हैं। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी संगत की सहुलियत के लिए वचनबद्ध है और इसके तहत ही गुरुद्वारा साहिब की नई इमारत तैयार की गई है। एडवोकेट धामी ने गुरुद्वारा साहिब की कारसेवा करवाने के लिए बाबा सेवा सिंह खडूर साहिब वालों का धन्यवाद करते हुए उनकी पंथक सेवाओं की सराहना की। समागम के दौरान कारसेवा खडूर साहिब के मुखी बाबा सेवा सिंह ने कारसेवा समय सहयोग करने वाली और पहुंची संगतों तथा प्रमुख शख्सियतों का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर अलग-अलग शख्सियतों को गुरु बख्शीश सिरोपा देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान गुरुद्वारा साहिब में एतिहासिक खूह, जहां श्री गुरु नानक देव जी आकर विराजमान हुए थे, की कारसेवा भी शुरू की गई। इस अवसर पर सिंह साहिब ज्ञानी गुरमिंदर सिंह, एक्टिंग कमेटी सदस्य गुरिंदरपाल सिंह गोरा, अकाली नेता रविकरण सिंह काहलों, एसजीपीसी सदस्य भगवंत सिंह सियालका भी उपस्थित थे।