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सिख गुरुओं की बदौलत देश की धार्मिक संस्कृति, परंपराएं और संस्कार सुरक्षित : कटारिया

Fri, 13 Sep 2024 10:49 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
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राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शताब्दी समारोह के दौरान गुरुद्वारा बाउली साहिब में टेका माथा
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एसजीपीसी ने राज्यपाल पंजाब को किया सम्मानित

संवाद न्यूज एजेंसी

अमृतसर। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार श्री गुरु रामदास के गुरुगद्दी दिवस और श्री गुरु अमरदास के ज्योति जोत दिवस की 450वीं शताब्दी के संबंध में गोइंदवाल साहिब में चल रहे कार्यक्रमों के दौरान गुरुद्वारा बाउली साहिब में माथा टेका।
इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी अनिता कटारिया भी उपस्थित थीं। उन्होंने कड़ाह प्रसाद चढ़ाकर अपना सम्मान व्यक्त किया। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और अन्य पदाधिकारियों ने गुरुद्वारा साहिब के अंदर उन्हें सम्मानित किया। पंजाब के राज्यपाल गुरुद्वारा बाउली साहिब में करीब एक घंटे तक रुके, इस दौरान उन्होंने लंगर घर का भी दौरा किया।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर आज देश की धार्मिक संस्कृति, परंपराएं और संस्कार सुरक्षित हैं तो इसका श्रेय सिख गुरुओं को जाता है। उन्होंने गोइंदवाल साहिब का उल्लेख किया और कहा कि यहां गुरु साहिब ने एक पंगत और एक संगत का इतिहास दिया जो मानव समानता का एक अनूठा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की महिमा इतनी महान थी कि यहां आने वाले अकबर बादशाह भी सबसे पहले पंगत में बैठे और प्रसादा लिया।

राज्यपाल ने कहा कि वे एक शिक्षक हैं। सिख गुरुओं का इतिहास पाठ्य पुस्तकों में पढ़ा जाता था, लेकिन धीरे-धीरे हमारे देश ने इसे पाठ्य पुस्तकों से अलग कर दिया है। गवर्नर पंजाब ने कहा कि यहां आकर उन्होंने गुरु साहिब के समक्ष देश और राज्य में शांति, भाईचारा और प्रगति के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने अपने स्वागत और सम्मान के लिए शिरोमणि कमेटी का भी शुक्रिया अदा किया।
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इस अवसर पर धामी ने कहा कि सिख धर्म के इतिहास के शताब्दी दिवस पंथक के लिए महत्वपूर्ण हैं और यह सिख धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। धामी ने शताब्दी वर्ष के अवसर पर सहयोग के लिए जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया। अकाली दल बादल के कार्यकारी अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़ ने भी गुरु साहिब के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया और पंथ को गुरु साहिब द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का आग्रह किया। भूंदड़ ने कहा कि समाज में आरामदायक माहौल बनाने और बुराइयों को खत्म करने के लिए गुरु साहिब की शिक्षाएं बहुत महत्वपूर्ण हैं।

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