मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के मंत्रिमंडल में ढाई वर्ष तक स्थानीय निकाय मंत्री की जिम्मेदारी निभाने वाले नवजोत सिंह सिद्धू को अब अपने विधानसभा हलके में विकास कार्यों की अनदेखी का गम सताने लगा है। अपने हलके के लोगों से दूरी बनाकर रखने वाले सिद्धू ने पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को शुरू करवाने के लिए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखा है। 16 जुलाई को लिखे इस पत्र का हालांकि अभी कोई जवाब नहीं आया है।
16 जुलाई को लिखे पत्र में सिद्धू ने शहरी हलकों के साथ संबंधित पांच रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए सीएम को कहा कि अक्तूबर 2018 में 137 करोड़ की राशि से इन आरओबी के कार्यों का नींव पत्थर आपसे रखवाया था। इनमें से दो आरओबी मेरे पूर्वी हलके के थे। अभी इन आरओबी का निर्माण शुरू नहीं हुआ है जबकि इनके निर्माण के लिए फंड व टेंडर जारी कर दिए गए थे।
दिसंबर 2019 में मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब इन्वॉयरमेंटल इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट फेज-1 के अंतर्गत मेरे हलके के विकास कार्यों के लिए पांच करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इस राशि को कहां कहां खर्च किया जाए, इसकी जानकारी आपको भेजी गई थी। इसके बावजूद काम शुरू नहीं हुए। इसी प्रोजेक्ट के फेज 2 के अंतर्गत 24 करोड़ के विकास कार्यों के लिए अनुमति दी गई। इसमें से 11 करोड़ की राशि के विकास कार्यों को किस क्षेत्र में करवाया जाना है, इसकी जानकारी भी दी गई लेकिन काम शुरू नहीं किए गए।
नगर सुधार ट्रस्ट द्वारा पूर्वी हलके के विकास के लिए 13 करोड़ की राशि जारी की गई है। यह काम कहां हो रहे हैं, इसकी कोई भी जानकारी मुझे नहीं दी गई है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने शिकायत की है कि मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद उनके हलके के काम नहीं हो रहे हैं। यह लोगों के साथ अन्याय है।