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शवों की अदला-बदली का मामला - गुरु नानक देव अस्पताल ने बनाई बॉडी मैनेजमेंट कमेटी

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अमृतसर के गुरुनानक देव अस्पताल ने आखिरकार बॉडी मैनेजमेंट कमेटी का गठन कर नई गाइड लाइन जारी कर ही दी। अस्पताल ने यह कदम कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के बाद उनके शवों की अदला-बदली के बाद पैदा विवाद के बाद उठाया है।
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मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. रमन शर्मा ने आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार कोरोना संक्रमित के शव को नियमानुसार मोर्चरी तक पहुंचाने व संबंधित जिले तक भेजने की रूपरेखा तय की है। इसके अनुसार मौत के तत्काल बाद ही आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मरीज को मृत घोषित करेगा। तत्काल कोरोना नोडल आफिसर को इसकी जानकारी देनी होगी। आइसोलेशन वार्ड में तैनात पुलिस कर्मी को भी मौत के विषय में बताया जाएगा। इसके साथ ही मृतक के स्वजनों को फोन कर सूचित किया जाएगा। मृतक के शरीर पर लगे चिकित्सा उपकरण वेंटिलेटर्स, आक्सीजन सपोर्ट सिस्टम, ग्लूकोज, एंजियो कैथ इत्यादि को शरीर से अलग करने का काम स्टाफ नर्स करेगी। दर्जा चार कर्मचारी शव को एक प्रतिशत हाइपोक्लोराइड से सैनिटाइज करेगा। मृतक के नाक, कान के छिद्रों को कॉटन से बंद किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद शव को कवर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्टाफ नर्स कवर दर्जा चार कर्मचारी को देगी। ये दोनों कर्मी शव को पैक करेंगे।
इसके बाद शव पर टैग लगाया जाएगा। टैग पर मृतक का नाम, पिता/पति/पत्नी का नाम, पता, सीआरओ नंबर, मृत्यु का समय, दिनांक आदि दर्ज होगा। यह टैग स्टाफ नर्स बनाएगी और दर्जा चार कर्मचारी इसे कवर पर चिपकाएगा। शव की पैकिंग व टैगिंग के बाद इसे दोबारा सैनिटाइज करना होगा। यह सारी प्रक्रिया ड्यूटी पर तैनात सीनियर रेजिडेंट्स डॉक्टर की उपस्थिति में होगी। शव को मोर्चरी तक पहुंचाने से पहले पुलिस को सूचित किया जाएगा। पुलिस के सामने दर्जा चार कर्मचारी शव को ट्रॉली पर रखकर एंबुलेंस में रखेंगे। इसके बाद पुलिस को साथ लेकर शव मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया जाएगा। इसके साथ ही मेडिकल सुपरिंटेंडेंट कार्यालय से जिला प्रशासन को इस बात की सूचना दी जाएगी कि शव मोर्चरी में रखवा दिया गया है। जीएनडीएच प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि मृतक की बॉडी को कवर करने के बाद उसका चेहरा व टैग कैमरे में कैप्चर किए जाएं। इस तस्वीर को कंप्यूटर में सेव रखा जाए, ताकि किसी भी तरह की शर्मनाक स्थिति का सामना न करना पड़े।
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हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है शवों की अदला-बदली का मामला
17 जुलाई को होशियारपुर व अमृतसर से संबंधित दो शवों की अदला-बदली के बाद अस्पताल प्रशासन की खूब किरकिरी हुई थी। होशियारपुर से संबंधित शव पर अमृतसर का टैग और अमृतसर से संबंधित महिला के शव पर होशियारपुर का टैग लगाकर शवों को इधर से उधर भेज दिया गया था। होशियारपुर निवासी शख्स का अंतिम संस्कार अमृतसर में कर दिया गया था, जबकि महिला का शव होशियारपुर से मंगवाकर अमृतसर में उसका अंतिम संस्कार किया गया था। यह मामला अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा था। अमृतसर पुलिस ने जवाब दायर किया है कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच की जा रही है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, वह हाईकोर्ट में दाखिल किए जाएंगे।
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