श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 400वें प्रकाश पर्व को समर्पित गुरु साहिब के प्रकाश स्थान गुरुद्वारा श्री गुरु के महल से दिल्ली के लिए रवाना हो गया। पूरा आसमान खालसाई जयकारों से गूंज उठा। नगर कीर्तन पंजाब, हरियाणा के कई ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबान से होता हुआ दिल्ली पहुंचेगा। दिल्ली से नगर कीर्तन श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न होगा। शनिवार को सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को शीश पर उठाकर फूलों से सजी पालकी साहिब में सुशोभित किया। ज्ञानी जगतार सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की ताबियां बैठकर चंवर साहिब की सेवा निभाई।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया व पंज प्यारों की अगुवाई में सजाए गए नगर कीर्तन के शुभारंभ से पहले गुरुद्वारा गुरु के महल में सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी जत्थों ने गुरबाणी गायन कर संगत को गुरुचरणों से जोड़ा। पाठ के भोग के बाद अरदास भाई सुल्तान सिंह ने की। पावन हुक्मनामा सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने श्रवण करवाया। इस दौरान गतका पार्टियों ने करतब कला के जौहर दिखाए। नगर कीर्तन जब गुरुद्वारा लौहगढ़ साहिब पहुंचा तो संगत ने फूलों से स्वागत किया। संगत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को रूमाला साहिब और पंज प्यारों को सिरोपा देकर सम्मानित किया। नगर कीर्तन 21 मार्च को गुरुद्वारा बाबा बकाला साहिब पहुंचेगा।
नगर कीर्तन सजाना सिख परंपरा का हिस्सा : ज्ञानी हरप्रीत सिंह
ज्ञानी जगतार सिंह ने बताया कि नौवें गुरु जी के 400वें प्रकाश पर्व पर सजाए गए नगर कीर्तन में शामिल संगत गुरु साहिबन की विचारधारा व फलसफे को घर-घर पहुंचाए। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा की नगर कीर्तन सजाना सिख परंपरा का हिस्सा है। शताब्दी समारोहों के दौरान नगर कीर्तन सजाने का मुख्य उद्देश्य इतिहास के बारे में संगत को जानकारी देने के साथ-साथ गुरमति का प्रचार-प्रसार करना है।
गुरु साहिबान के शताब्दी प्रकाश पर्व हमारे जीवन में आना सौभाग्य की बात : बीबी जागीर कौर
एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व की शताब्दी हमारे जीवनकाल के दौरान आना सौभाग्य की बात है। नगर कीर्तन जिस इलाके में पहुंचे संगत इसका भरपूर स्वागत करे। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के शताब्दी समारोह का मुख्य कार्यक्रम एक मई को गुरुद्वारा गुरु के महल में होगा।
इस दिन सुबह 10 से 12 बजे तक सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में रागी जत्थे कीर्तन करेंगे। कार्यक्रम में पंथ प्रसिद्ध कथा वाचक भी हाजिरी भरेंगे। एसजीपीसी के महासचिव भगवंत सिंह स्यालका ने कहा कि सिख कौम को इस बात का गर्व है कि गुरु साहिबन द्वारा दिखाए गए मानव सुधार की बेहतर शिक्षाएं सिखों के पास है। इस मौके पर एसजीपीसी के मीत प्रधान सुरजीत सिंह भिट्टेवड, कार्यकारिणी सदस्य अजमेर सिंह खेड़ा, हरभजन सिंह, भाई राजिंदर सिंह मेहता, भाई मंजीत सिंह मौजूद थे।