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Amritsar News: उत्तर भारत के 19 किसान संगठनों का रेल रोको आंदोलन आज

Wed, 27 Sep 2023 06:41 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
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पंजाब में 12 स्थानों पर रोकी जाएगी रेल, रेलवे ट्रैक पर देंगे धरना
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बाढ़ पीड़ितों के लिए पैकेज, एमएसपी गारंटी कानून, किसान मजदूर ऋण मुक्ति, मनरेगा, नशा और अन्य मुद्दों पर होगा आंदोलन



संवाद न्यूज एजेंसी

अमृतसर। उत्तर भारत के 6 राज्यों के 19 संगठन, केंद्र सरकार के किसानी मुद्दों से जुड़ी मांगों को लेकर, 28 सितंबर से तीन दिनों के लिए पंजाब से शुरू होने वाले रेल रोको आंदोलन में हिस्सा लेंगे। आंदोलन के लिए तैयारियां और रणनीति तैयार कर ली गई है। राज्य में किसान 12 स्थानों पर ट्रेनों का चक्का जाम करने के लिए रेल ट्रैक पर धरना देंगे। बाढ़ पीड़ितों के लिए पैकेज, एमएसपी गारंटी कानून, किसान मजदूर ऋण मुक्ति, मनरेगा, नशा और अन्य मुद्दों को लेकर यह आंदोलन होगा।
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किसान नेताओं सरवन सिंह पंधेर, जसविंदर सिंह लोंगोवाल, सुखविंदर सिंह ने बताया कि 16 संघर्षरत संगठनों के फोरम में अब किसान मजदूर यूनियन भटेरी कलां और किसान मजदूर मोर्चा पंजाब के शामिल होने के बाद संख्या बढ़कर 18 हो गई थी। अब पंजाब किसान मजदूर यूनियन के समर्थन के बाद आंदोलनकारी संगठनों की संख्या 19 हो गई है। पंजाब में 12 स्थानों मोगा, होशियारपुर में होशियारपुर, गुरदासपुर में गुरदासपुर और बटाला, जालंधर में जालंधर कैंट, तरनतारन में तरनतारन, संगरूर में सुनाम, पटियाला में नाभा, फिरोजपुर में बस्ती टैंकवाली और मल्लांवाला, बठिंडा में रामपुरा, अमृतसर में देवीदासपुरा में रेल ट्रैक जाम किए जाएंगे। इस तरह 21 अगस्त से शुरू हुआ संघर्ष अब ट्रेन रोको के रूप में आगे बढ़ रहा है। जिसे संघर्षरत संगठनों का भरपूर समर्थन मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में पहले से ही बीजेपी की सरकार है, लेकिन 21 अगस्त को पंजाब सरकार द्वारा आंदोलनकारियों पर किए गए हमले से आम जनता में पंजाब सरकार के मोदी सरकार के पक्ष में होने की मुहर लग गई है और अब जब लोग मोदी सरकार से अपना हक मांग रहे हैं। अगर भगवंत मान सरकार इस आंदोलन को दबाती है, तो उन्हें यह स्पष्ट हो जाएगा कि पंजाब सरकार किस तरह केंद्र सरकार की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार को जनविरोधी गतिविधियों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत के बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए 50 हजार करोड़ का राहत पैकेज, सभी फसलों और एमएसपी गारंटी कानून और फसलों के दाम की रिपोर्ट के अनुसार स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट, किसान को मजदूर की संपूर्ण कर्ज मुक्ति, मनरेगा के तहत साल में 200 दिन रोजगार, पंजाब सहित उत्तर भारत में स्मैक हेरोइन जैसे नशे पर नियंत्रण, दिल्ली आंदोलन के दौरान किए गए पुलिस केस रद्द किए जाए और लखीमपुर नरसंहार के अपराधियों को सज़ा, भारत में आबादकार किसानों और मजदूरों को आबादकार भूमि का स्थायी मालिकाना हक देने, देश भर में भारत माला परियोजना के तहत सड़कों के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की के भाव 6 गुना दिए जाने की मांग मुख्य है। उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र सरकार इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
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