तरनतारन में जिला भलाई अधिकारी के कार्यालय समक्ष धरना देते हुए कांग्रेसी नेता व वर्कर।
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अकाली लीडरों की ओर से शगुन स्कीम के चेक हाईजेक कर गरीब परिवारों को समय पर चेक न देने व इनमें से रिश्वत खाने, कांग्रेसी परिवारों को कई वर्षों से परेशान करने वाले व गुरुओं-पीरों की कसम दिलाकर अकाली दल को वोट डालने के लिए जोर देने के खिलाफ पंजाब कांग्रेस के महासचिव हरमिंदर सिंह गिल की अगुवाई में कांग्रेसी वर्करों ने जिला भलाई अधिकारी का कार्यालय घेरा।
हरमिंदर सिंह गिल ने कहा कि जिला भलाई व तहसील भलाई अधिकारी अकाली लीडरों के हाथों की कठपुतलियां बनकर नाचते हैं। लाभपात्रों को सीधे चेक देने की बजाय पट्टी हलके में मंत्री व परनीत कौर को चेक दिए जाते हैं जो लोगों को गुरुओं-पीरों की कसम दिलाकर उन्हें अकाली दल को वोट डालने के लिए कहते हैं इसके बाद उन्हें चेक देते हैं।
गिल ने कहा कि बादल सरकार ने 5 हजार रुपये शगुन स्कीम के शुरू किए थे जो कैप्टन अमरिंदर ने बढ़ाकर 15 हजार किए। 2012 में अकाली दल ने चुनाव मनोरथ पत्र में यह राशि 31 हजार रुपये करने का वादा किया था। अब कैप्टन ने दोबारा इस स्कीम को बढ़ाते हुए 51 हजार रुपये देने का वादा किया है।
उन्होंने जिला भलाई अधिकारी की हाजिरी में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अब शगुन स्कीम का चेक गांव के सरपंचों को दिए गए तो कांग्रेस इसके विरुद्ध एक्शन लेगी। मौके पर डीएसपी हरपाल सिंह रंधावा धरनाकारियों के साथ बातचीत करने के लिए पहुंचे।
धरने को हलका इंचार्ज डा. धर्मवीर अग्निहोत्री ने भी संबोधित किया। शिरोमणि कमेटी सदस्य सुखविंदर सिंह सिद्धू, पूर्व यूथ जिला अध्यक्ष नवरीत सिंह जल्लेवाल, साधु सिंह चंबल ने कार्यालय के सभी रास्ते बंद किए हुए थे। कार्यालय की छत पर भी वर्कर कांग्रेस की झंडियां लेकर नारेबाजी कर रहे थे। धरने में सरदूल सिंह सभरां, चरनजीत शर्मा, हरमन सेखों, सुखदेव सिंह सरहाली, मानव मरहाणा मौजूद थे।