कहा- पंजाब को देशभर में मेडिकल एजुकेशन के हब के तौर पर किया जाएगा विकसित
मुख्यमंत्री ने सरकारी मेडिकल काॅलेज अमृतसर के शताब्दी समागम में नए प्राेजेक्ट जनता को किए समर्पित
संवाद न्यूज एजेंसीअमृतसर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को एलान किया कि पंजाब को देशभर में मेडिकल एजुकेशन के हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। मान ने कहा कि लोगों को उनके घरों में ही सेवाएं मुहैया करने के लिए राज्य सरकार श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर 27 नवंबर से नई शुरुआत करेगी। इस मुहिम के तहत करीब 42 सेवाएं बिना परेशानी मुहैया करवाई जाएंगी। मान सरकारी मेडिकल कालेज, अमृतसर के शताब्दी समारोह के दौरान ओपीडी ब्लाॅक और स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में ओटी कांप्लेक्स, रेडिएशन थैरेपी ब्लाॅक, सीनियर रेजिडेंट हॉस्टल ब्लाक, नर्सिंग हॉस्टल ब्लाक, लड़कों के हॉस्टल और ई-अस्पताल प्रोजेक्ट में ऑडिटोरियम लोगों को समर्पित करने बाद में सभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही इस दिशा में कई कोशिशें कर रही है। इस मंतव्य के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। स्वास्थ्य क्षेत्र में पंजाब के पास कई संभावनाएं है। अब राज्य में मेडिकल टूरिज्म को तरक्की देनी यकीनी बनाने पर जोर दिया जाएगा। जब से उन्होंने अपना कार्य संभाला है, तब से सरकार ने स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र को सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। पंजाब में स्वास्थ्य शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए बड़े बजट का प्रावधान है। इस कदम का उद्देश्य पंजाब में स्वास्थ्य संभाल और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाना है।
26 जनवरी 2024 से राज्य के सभी अस्पतालों में होगी एक्स-रे की सुविधा
उन्होंने एलान किया कि 26 जनवरी 2024 से पंजाब के सभी अस्पताल एक्स-रे मशीनों से लैस होंगे। इन मशीनों को चलाने के लिए ऑपरेटर भी तैनात किए जाएंगे। डाक्टरों की ओर से लिखी सभी दवाएं अब अस्पतालों में ही उपलब्ध होंगी, इससे तीमारदारों से होने वाली लूट बंद होगी। पंजाब में स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने आने वाले पांच वर्षों में 16 नए मेडिकल काॅलेजों के निर्माण का फैसला किया है, जिससे पंजाब में मेडिकल कालेजों की कुल संख्या बढ़कर 25 हो जाएगी। राज्य के हर जिलों में एक मेडिकल कालेज की सेवा यकीनी बनाई जाएगी।
अब यूक्रेन जैसे देशों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी
स्वास्थ्य शिक्षा के इच्छुक विद्यार्थियों को अब यूक्रेन जैसे देशों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि इन मेडिकल कालेजों में उनको मानक शिक्षा मुहैया करवाई जाएगी। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग कर पंजाब के खजाने को बड़ी सेंध लगाकर महल बनाए हैं। इन महलों की दीवारें बहुत ऊंची हैं और इनके दरवाजे आम लोगों के लिए हमेशा बंद ही रहते हैं। ये नेता लोगों की पहुंच से बहुत दूर रहे, इस कारण उनको लोगों ने नकार दिया। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह ने सभी मेहमानों का स्वागत किया।