कैंसर के खात्मे के लिए प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री कैंसर राहत कोष से सैकडों लोगों को नया जीवन मिल रहा है।
इस बीमारी की चपेट में फंसे लोग सरकार द्वारा चिह्नित किए गए अस्पतालों में नि:शुल्क स्वास्थ लाभ प्राप्त कर रहे हैं। जिले में अब तक कैंसर के 1064 मरीजों ने सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है।
यह जानकारी डिप्टी कमिश्नर रवि भगत ने रविवार को सर्किट हाउस में हुई एक बैठक के दौरान दी।
डीसी ने कहा कि कैंसर की बीमारी का पता लगाने के लिए सेहत विभाग द्वारा घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया है। पंजाब सरकार द्वारा इस बीमारी की प्राथमिक स्तर पर ही रोकथाम की जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा मेडिकल कालेज अमृतसर, पटियाला व फरीदकोट में मरीजों के इलाज के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी द्वारा बठिंडा में एक आधुनिक कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित किया गया है।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज फरीदकोट में 22.83 करोड़ रुपये व बठिंडा में 60 करोड़ रुपये की लागत से कैंसर डायग्नोस्टिक व ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित किए गए हैं।
एमएम नगर सेक्टर 69 में मेडिकल शिक्षा एवं खोज से संबंधित नया भवन निर्मित किया जा रहा है।
डीसी ने बताया कि कैंसर के मरीजों के जीवन की रक्षा के लिए सरकार द्वारा आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। इस योजना के अनुसार सरकार द्वारा चिह्नित किए गए अस्पतालों में वे इलाज करवा सकते हैं।
सरकार द्वारा 12 करोड़ 86 लाख 92 हजार 700 रुपये की राशि इस मद में जारी की है।
डीसी ने स्पष्ट किया कि कैंसर राहत कोष से सहायता पाने के लिए सेहत विभाग द्वारा तीन डाक्टरों को बोर्ड बनाया गया है।
ये डाक्टर फाइलों पर विचार कर उन्हें परवानगी देते हैं, फिर विभाग द्वारा इस पर मुहर लगाई जाती है। मेडिकल कालेज में कैंसर के मरीजों की फाइलें ऑनलाइन प्राप्त की जा रही हैं।