शहीद ऊधम सिंह स्पोर्ट्स एंड वेल्फेयर सोसायटी की ओर से दूसरे शहीद ऊधम सिंह गर्ल्स जूनियर हाकी टूर्नामेंट का रविवार को आगाज हुआ।
पहले दिन हुए मैचों में बटिंडा की टीम ने सोनीपत की टीम को पांच के मुकाबले चार गोल से मात दी। दूसरे मैच में पटियाला की टीम ने दिल्ली की टीम को 2 के मुकाबले एक गोल से और तीसरे मैच में ग्वालियर की टीम ने जालंधर की टीम को 1-0 से पराजित किया।
प्रतियोगिता का उद़्घाटन पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी ने किया। इस मौके पर पहुंचे पूर्व ओलंपियन और अर्जुन अवार्डी हाकी खिलाड़ी ब्रिगेडियर हरचरण सिंह बराड़ ने भारतीय हाकी के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि चाहे एस्ट्रो ट्रफ हो या फिर ग्रास ग्राउंड, जब तक हम अपने खेल में बदलाव नहीं लाएंगे हाकी के स्तर को और ऊंचा नहीं उठाया जा सकता।
स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी ने कहा कि हाकी हमारे देश का राष्ट्रीय खेल है। कभी भारतीय हाकी टीम में 80 फीसदी खिलाड़ी पंजाब के हुआ करते थे। उन्होंने कहा कि आज हाकी के उत्थान के लिए प्रयास करने की जरूरत है। वे खुश हैं कि शहीद ऊधम सिंह सोसायटी जैसे संगठन हाकी को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार जहां कबड्डी के विस्तार के लिए प्रयास कर रही है। वहीं सौ करोड़ रुपये से हाकी के लिए एस्ट्रो ट्रफ और स्टेडियम बनाने में भी जुटी हुई है। ताकि हाकी के पुराने रुतबे को फिर से हासिल किया जा सके।
इस मौके पर पहुंचे पूर्व ओलंपियन और अर्जुन अवार्डी ब्रिगेडियर हरचरण सिंह ने कहा कि आज हाकी के उत्थान के लिए काफी प्रयास करने की जरूरत है। आयोजक मनमिंदर सिंह ने बताया कि हाकी के उत्थान और शहीद ऊधम सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए यह टूर्नामेंट आयोजित कराया गया है।
इस मौके पर एनआरआई गगन शर्मा ने टूर्नामेंट में पहले स्थान पर आने वाली टीम को अपने पिता श्रीराम लुभाया के नाम पर 31 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।