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पेपर लीक: जीएनडीयू के दोनों निलंबित प्रोफेसर भूमिगत, कैंपस में नहीं दिखाई दिए आरोपी

Wed, 15 Mar 2023 11:59 AM IST
नवीन दलाल पंकज शर्मा, अमृतसर (पंजाब)

सार

पंजाब सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (पीएसटीईटी) की जिम्मेदारी जीएनडीयू के कुलपति प्रो. जसपाल सिंह संधू को सौंपी थी। वीसी और रजिस्ट्रार की सहमति से डाॅ. हरदीप सिंह और डा रविंदर सिंह साहनी को इस टैस्ट को संपन्न करवाने के लिए तैनात किया गया।
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paper leak - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीएसटीईटी पेपर लीक मामले में मुख्यमंत्री के आदेशों पर निलंबित किए गए डाॅ. हरदीप सिंह और प्रो. रविंदर सिंह साहनी मंगलवार को गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (जीएनडीयू) कैंपस में नहीं दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि वे भूमिगत हो गए हैं। क्योंकि मुख्यमंत्री ने इस दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर 24 घंटों के भीतर गिरफ्तार करने के भी आदेश दिए हैं।

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जीएनडीयू के वीसी के ओएसडी हैं पेपर लीक मामले में निलंबित डाॅ. हरदीप सिंह
डाॅ. हरदीप सिंह जीएनडीयू के कंप्यूटर विभाग से सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं। जीएनडीयू के मौजूदा वीसी के करीबी होने के कारण सेवानिवृत्ति के बाद डाॅ. हरदीप सिंह को जीएनडीयू के वीसी डाॅ. जसपाल सिंह संधू का ओएसडी तैनात कर दिया गया था। डाॅ. हरदीप सिंह साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इलेक्ट्राॅनिक विभाग के प्रोफेसर रविंदर सिंह साहनी को भी निलंबित करने के आदेश दिए थे।

मुख्यमंत्री ने दिए थे गिरफ्तार करने के आदेश
प्रो. साहनी भी वीसी की गुड बुक के सदस्यों में से एक हैं। इन अधिकारियों के खिलाफ सरकार के आदेशों के बाद निलंबन की कार्रवाई संबंधी दस्तावेज सरकार को भेज दिए हैं, लेकिन जीएनडीयू का कोई भी अधिकारी इस मामले में बोलने को तैयार नहीं है। उधर पेपर लीक मामले में तैनात किए गए जांच अधिकारी प्रो. टीएस बेनीपाल का कहना है कि मामले की जांच पूर्ण होने से पहले कुछ भी खुलासा नहीं किया जा सकता।
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पुलिस ने अभी तक इस मामले में किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। डा हरदीप सिंह जीएनडीयू में जी20 के तहत होने वाले वाई20 कार्यक्रमों के को-आर्डिनेटर भी थे। जीएनडीयू टीचिंग एसोसिएशन के नेता प्रो. एनएस सैनी ने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (पीएसटीईटी) लीक मामले में वीसी प्रो. जसपाल सिंह संधू, रजिस्ट्रार प्रो केएस काहलों व डीन प्रो. एसएस बहल सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।

क्योंकि पंजाब सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (पीएसटीईटी) की जिम्मेदारी जीएनडीयू के कुलपति प्रो. जसपाल सिंह संधू को सौंपी थी। वीसी और रजिस्ट्रार की सहमति से डाॅ. हरदीप सिंह और डा रविंदर सिंह साहनी को इस टैस्ट को संपन्न करवाने के लिए तैनात किया गया। इसलिए इस मामले में रजिस्ट्रार, वीसी और डीन को भी जांच शामिल किया जाना चाहिए। जांच से पहले इन अधिकारियों को उनके पदों से हटाना चाहिए, ताकि यह अधिकारी मामले की जांच को प्रभावित करने के लिए अपने पदों व शक्तियों का गलत उपयोग न कर सकें।

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