बोले - चुनावी ड्यूटी से प्रभावित होगी बच्चों की पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। 15 अक्तूबर को होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने जहां तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी हैं वहीं, चुनाव में अध्यापकों की लगी ड्यूटी को लेकर यूनियनों ने अपना विरोध जताना शुरू कर दिया है।
गौरतलब है कि जिले के 858 ग्राम पंचायतों में 5627 सीटों पर 9 लाख के करीब वोटर अपने सरपंच चुने गए। इसके लिए प्रशासन ने 1266 पोलिंग स्टेशनों पर चुनाव संपन्न करवाने के लिए 84 रिटर्निंग अफसर लगाए हैं। वहीं, अब अध्यापकों की इसमें ड्यूटी लगाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। इसलिए गवर्नमेंट टीचर यूनियन ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि अध्यापकों को इस चुनाव ड्यूटी से दूर रखा जाए। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में स्कूलों की सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। चुनाव में सीनियर सेकेंडरी और प्राइमरी के टीचर्स की ड्यूटी लगाई गई है। चुनाव में ड्यूटी लगाए जाने से स्कूलों में पढ़ाई ठप होकर रह जाएगी।
एलिमेंट्री टीचर यूनियन ने शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी का विरोध करते हुए कहा कि राइट टू एजुकेशन के तहत अध्यापकों से शिक्षा के अलावा गैर शैक्षणिक कार्य नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि चुनाव में अन्य विभागों से मुलाजिम लगाए जाने चाहिए, ताकि स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।