अमृतसर। फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रियल एरिया में वीरवार तड़के पेंट की फैक्टरी में आग लगने की घटना के लिए फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन प्रधान संदीप खोसला ने इसके लिए सरकारों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन कमल डालमिया ने कहा कि इस तरह के हादसों से बचाव के लिए उद्योगपतियों को अपने यूनिटों की समय-समय पर एनर्जी ऑडिटिंग करवानी चाहिए।
फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान संदीप खोसला ने कहा उनकी एसोसिएशन ने 30 साल पहले सरकार को एक मेमोरंडम देकर फोकल प्वाइंट एरिया में फायर स्टेशन स्थापित करने के लिए मांगपत्र दिया। इसके बाद भी जब-जब सरकार के मंत्रियों और सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों से उनकी बात हुई, उन्होंने अपनी इस मांग को उठाया। उन्हें हर बार आश्वासन ही दिया गया। हालांकि नगर निगम ने फोकल प्वाइंट एरिया में फायर स्टेशन स्थापित किए जाने के लिए जगह का भी चयन किया है, मगर अब तक मामले में गंभीरता से काम शुरू नहीं किया गया।
फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन कमल डालमिया ने आग की घटना पर उद्योगपतियों के साथ दुख व्यक्त किया, वहीं उन्होंने यूनिट मालिकों से अपने औद्योगिक यूनिट की समय-समय एनर्जी ऑडिटिंग करवाए जाने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि इसके लिए उद्योगपति यूनिट की एनर्जी ऑडिटिंग के लिए लोकल इलेक्ट्रिकल माहिरों या एमएसएमई (माइक्रो स्माल मीडियम एंटरप्राइजेज) की एजेंसी की सेवाएं ले सकते हैं। औद्योगिक यूनिटों को ही नहीं, बल्कि शहर के मॉल्स और होटलों को भी अपने यहां इस तरह की एनर्जी ऑडिटिंग करवानी चाहिए, ताकि शार्ट सर्किट से होने वाले बड़े हादसों से बचा जा सके।
द वार्प निटिंग एसोसिएशन के पंजाब अध्यक्ष संजय मेहरा टीनू ने भी एनर्जी ऑडिटिंग करवाने का समर्थन करते हुए कहा कि इसमें कुछ पैसा तो खर्च हो जाता है, मगर यूनिट की सुरक्षा सुनिश्चित हो जाती है। इस तरह की ऑडिटिंग करवाने के बाद शार्ट सर्किट की संभावना नहीं रहती। यहां डेढ़ सौ से ज्यादा औद्योगिक यूनिट हैं और हर यूनिट की इन्वेस्टमेंट लाखों में नहीं, बल्कि करोड़ों में है। ऐसे में आग की घटना होने पर उद्योगपति रातोंरात सड़क पर आ जाता है। वहीं उन्होंने सरकार से फोकल प्वाइंट एरिया में जल्द फायर स्टेशन स्थापित किए जाने की मांग भी की है। उद्योगपति दविंदर पाल सिंह लक्की ने बताया कि एनर्जी ऑडिटिंग में माहिर औद्योगिक यूनिटों की इलेक्ट्रिकल फिटिंग की जांच करते हैं और जहां कहीं उन्हें कोई कमी लगती है, उसे दुरुस्त करवाने की सलाह देते हैं।