मोहाली की एनआईए अदालत में चल रहे इस केस में आरोपियों के वकीलों ने यह तर्क दिया था कि जिस ड्रोन से हथियारों की खेप आई है, उस ड्रोन को अदालत में पेश किया जाए। सरकारी वकील का कहना था कि ड्रोन को सबूत के तौर पर अदालत में पेश नहीं किया जा सकता। देर शाम खबर लिखे जाने तक गोताखोरों की टीम नहर में ड्रोन के अन्य पुर्जों की तलाश कर रही थी।
ड्रोन से हथियारों की बड़ी खेप आतंकवादियों को भेजी गई थी
25 सितंबर को झब्बाल की बंद पड़ी एक चावल मिल से पुलिस ने एक जला हुआ ड्रोन बरामद किया था। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के आतंकवादियों को पंजाब में आतंकी गतिविधियों को दोबारा शुरू करने के लिए पाकिस्तान से भेजी गई पांच एके -47 राइफल, 16 मैगजीन और 472 राउंड गोला बारूद, चार चीनी निर्मित 30 बोर पिस्तौल, आठ मैगजीन और 72 राउंड गोला बारूद के साथ, नौ हैंड ग्रेनेड, उनके सहायक उपकरण के साथ पांच सैटेलाइट फोन, दो मोबाइल फोन, दो वायरलेस सेट और 10 लाख रुपये के अंकित मूल्य वाली नकली मुद्रा जब्त की गई थी।
आतंकी मॉड्यूल के चार सदस्य बलवंत सिंह उर्फ निहंग, आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश रंधावा, हरभजन सिंह और बलबीर सिंह को उसी दिन तरनतारन के चोहला साहिब गांव के बाहरी इलाके से गिरफ्तार किया गया था। बाद में अमृतसर से रोबिनजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद एक ड्रोन सीमावर्ती गांव महावा से भी बरामद किया गया था।