अमृतसर के छेहरटा कस्बे के एक गांव में एक व्यक्ति की नशे से मौत हो गई। एचआईवी ग्रस्त यह व्यक्ति पिछले तीन साल से नशे की चपेट में था। इसकी मौत के बाद इलाके के लोगों ने नशे की बिक्री को लेकर हंगामा किया और नशे के कारोबार पर काबू पाने की सरकार से गुहार लगाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
मरने वाले व्यक्ति के परिवार में पहले भी नशे से उसके पिता और भाई की मौत हो चुकी है। परिवार ने बताया कि मृतक अक्सर प्रतिबंधित दवाओं का सेवन करने के साथ-साथ देसी शराब, स्मैक और हेरोइन का आदी था। पारिवारिक सदस्यों ने उसे कई बार समझाया कि वह नशा छोड़ दे, क्योंकि यह नशा पहले ही उसके पिता और भाई की जिंदगी निगल चुका है लेकिन उसने परिवार की कभी बात नहीं मानी और पिछले कुछ समय से तो उसने प्रतिबंधित इंजेक्शन लगाना भी शुरू कर दिया।
जानकारी के मुताबिक यह व्यक्ति एनडीपीएस एक्ट में पांच साल की कैद काट चुका है। पीड़ित परिवार ने बताया कि मृतक को कुछ साल पहले पुलिस ने नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे पांच साल कैद की सजा सुनाई थी और वह कुछ माह पहले ही सजा पूरी होने के बाद जेल से रिहा होकर घर आया था।
पीड़ित परिवार ने बताया कि पांच साल पहले उन्हें पता चला कि वह एचआईवी से ग्रस्त है। उसे समझाया गया कि नशा उसकी जान ले लेगा लेकिन उसने परिवार की बात नहीं सुनी और सोमवार सुबह नशे से उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने बताया कि मौत होने का पता परिवार को तब चला जब पारिवारिक सदस्यों ने उसे सुबह जगाने का प्रयास किया।