तरनतारन। पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा रविवार सुबह तरनतारन के गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा साहब पहुंचे और संगत के बीच हाजिरी भरी। रंधावा अपने परिवार के साथ सुबह 9 बजे बिना किसी लाव-लश्कर के माथा टेकने पहुंचे। इस मौके पर तरनतारन के विधायक धर्मबीर अग्निहोत्री, पट्टी के विधायक हरमिंदर सिंह गिल और खेमकरण के एमएलए सुखपाल भुल्लर ने रंधावा का स्वागत किया। इस मौके पर रंधावा ने कहा कि गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा साहब नम्रता का स्थान है जहां हर कोई सादे ढंग से आकर शीश झुकाता है। गुरुद्वारे के मैनेजर ने उपमुख्यमंत्री को सरोपा देकर सम्मानित किया।
रंधावा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार पंजाब को पूरी तरह खत्म करना चाहती है। इसी वजह से बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के अधिकार बढ़ाए गए हैं, लेकिन जब तक वह पंजाब के गृहमंत्री हैं, तब तक वह केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ लड़ते रहेंगे। भाजपा सरकार ने जम्मू-कश्मीर सूबे को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर वहां फौज तैनाती की मगर आज तक वहां शांति कायम नहीं हो सकी। बेअदबी और ड्रग्स तस्करी के मामले में राज्य सरकार पूरी तरह से गंभीर है। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम से पूछताछ करने के लिए टीम तैयार है। इस मामले में न तो किसी से धक्केशाही करके फंसाया जाएगा और न ही किसी आरोपी का कोई लिहाज होगा। दूसरी ओर, सीमा सुरक्षा बल को दिए गए बढ़े अधिकारों को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तरनतारन के विधायक डा. धर्मबीर अग्निहोत्री के कैंपस आफिस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बेअदबी के मामले में उन्होंने अपने जमीर की आवाज पर कैबिनेट से त्याग पत्र दिया था। इस मामले में वह पूरी तरह से गंभीर हैं। रंधावा ने कहा कि किसी भी धर्म के पावन ग्रंथ की भविष्य में बेअदबी न हो, इसलिए धारा 295 के तहत 10 वर्ष की सजा का प्रविधान किया जा रहा है।
केंद्र सरकार की ओर से पंजाब में बीएसएफ को और अधिक अधिकार देने की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने आतंकवाद को खत्म किया था। पंजाब पुलिस बहुत बहादुर है। ऐसे में पंजाब में बीएसएफ को 50 किलोमीटर का अधिकार देना किसी भी कीमत में सहन नहीं होगा। यह मामला विधानसभा में भी लाया जा रहा है। 15 अक्टूबर को दिल्ली के कुंडली बार्डर पर कत्ल किए गए लखबीर सिंह के मामले की जांच के लिए सरकार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) का गठन किया गया है। पूरे मामले की सचाई जल्द सामने आ जाएगी।
इस मौके विधायक डा. धर्मबीर अग्निहोत्री, हरमिंदर सिंह गिल, सुखपाल सिंह भुल्लर, कुलबीर सिंह जीरा, डा. संदीप अग्निहोत्री, गुरबाज सिंह गिल काजीकोट, चेयरमैन हरजिंदर सिंह ढिल्लों, कश्मीर सिंह सिद्धू, रितिक अरोड़ा, सोनू दोदे मौजूद थे।
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‘चन्नी और सिद्धू के बीच कोई टकराव नहीं’
उपमुख्यमंत्री रंधावा ने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बीच किसी भी प्रकार का कोई टकराव नहीं है। कांग्रेस का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2022 के चुनाव में कांग्रेस दोबारा सत्ता में आएगी। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की भारतीय जनता पार्टी से पुरानी सांझ जगजाहिर हो चुकी है। अब कैप्टन चाहे भाजपा में जाएं या फिर भाजपा की बी टीम के तौर पर नई पार्टी बनाएं, लोग उन्हें मुंह नहीं लगाएंगे।