पंजाब कांग्रेस में सब कुछ ठीक होने के आसार नजर नहीं आ रहे। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू के बीच की लड़ाई अब सड़कों पर आ गई है। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और विधायक नवजोत सिंह सिद्धू को 20 जून को दिल्ली बुलाया गया है।
इससे पहले ही अमृतसर में नवजोत सिद्धू के समर्थन में होर्डिंग लग गए हैं। सिद्धू के समर्थकों द्वारा लगाए पोस्टरों और होर्डिंग पर ‘सारा पंजाब सिद्धू दे नाल 2022’ लिखा गया है। पिछले सप्ताह ही कुछ लोगों ने शहर में कैप्टन 'अमरिंदर सिंह है पंजाब में अकेला कैप्टन' के पोस्टर लगाए थे। सिद्धू के समर्थकों ने नवजोत सिंह के पोस्टर लगाकर कैप्टन के समर्थकों को जवाब देने का प्रयास किया है। हालांकि कुछ दिन पहले सिद्धू के विरोधियों ने नवजोत सिंह सिद्धू शहर से गायब के पोस्टर लगाए थे।
वार्ड नंबर 22 की पार्षद के समर्थकों ने सिद्धू के पोस्टर हाल गेट के ऊपर और भंडारी पुल पर लगाए। भंडारी पुल पर लगाए सिद्धू के पोस्टर तो वहां पहले से लगाए गए ‘पंजाब का एक ही कैप्टन अमरिंदर सिंह' के पोस्टर के बिल्कुल आस-पास लगाए हैं। यह पोस्टर कांग्रेस कार्यकर्ता हरपाल सिंह वेरका ने अपने साथियों के साथ मिलकर लगाए हैं। इन पोस्टरों में स्पष्ट लिखा है कि 2022 का होगा सिद्धू के सर ताज। इसके साथ ही लिखा है पंजाब का कैप्टन सिद्धू और फतेह करके बनाएंगे सरकार।
इससे पहले राजीव गांधी कांग्रेस कमेटी के जिला प्रधान राजबीर सिंह जोहल ने भी सिद्धू के समर्थन में ऐसे ही पोस्टर शहर में लगा कर कैप्टन के समर्थकों को जवाब दिया था। राजबीर सिंह ने कहा कि सिद्धू अमृतसर के ही नहीं बल्कि पंजाब के लोगों के चहेते नेता हैं। हालांकि पिछले दिनों उनकी तबीयत ठीक नहीं होने के चलते वे अपने हलके से अवश्य दूर रहे, उन्होंने बीमारी की हालत में ही अपने लोगों के मुद्दे उठाए। उन्होंने बताया कि साल 2022 में होने वाले चुनावों में लोग कैप्टन को इसका जवाब देंगे।