गुरदासपुर। सिविल अस्पताल गुरदासपुर में तैनात हड्डियों के डाक्टर को गलत तरीके से रोकने तथा धमकाने के आरोप में एक दवा विक्रेता पिता पुत्र के खिलाफ थाना सिटी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। यह मामला उच्च पुलिस अधिकारी की ओर से जांच के बाद दर्ज किया गया है। डाक्टर का आरोप है कि आरोपी पिता-पुत्र उन पर दबाव बनाते थे कि वह मरीजों को उनकी ओर से तैयार करवाई गई दवा लिखी जाए तथा मरीजों को दवा लेने के लिए उनके मेडिकल स्टोर पर भेजे।
एसएसपी गुरदासपुर को दी गई शिकायत में सिविल अस्पताल गुरदासपुर में तैनात आर्थोपेडिक सर्जन डाक्टर प्रिंस अजयपाल ने बताया कि वह बाठ वाली गली में पिछले करीब एक साल से रह रहे हैं। वहीं उसी गली में दवा विक्रेता प्रवीण कुमार तथा उनका बेटा मोहित महाजन रहते हैं।
प्रवीण ने अपनी दवाएं बनाई हैं और उन्हें बार-बार वही दवाएं लिखने के लिए कहता है, जिसे उन्होंने नहीं माना। इसलिए प्रवीण कुमार ने कई बार उनकी झूठी शिकायतें डीसी, सिलि सर्जन को की जो निराधार होने के कारण रद हो गईं। वह उन्हें ब्लैकमेल और दिमागी तौर पर परेशान करते हैं। 19 मार्च को आरोपियों ने उन्हें जेल रोड़ पर स्थित वेरका बूथ के पास रास्ते में रोककर जान से मारने की धमकियां भी दी।
इस संबंधी थाना प्रभारी जबरजीत सिंह ने बताया कि एसपी (डी) की ओर से जांच के उपरांत उक्त प्रवीण कुमार और मोहित महाजन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल अभी आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं।