प्रदेश में चार विधानसभा उप चुनाव के बाद एक बार फिर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव की मांग उठने लगी है। एसजीपीसी के चुनाव कराने के लिए पंजाब विधानसभा से लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील एचएस फूलका ने दवा किया है कि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुद्वारा चुनाव कमिश्नर की नियुक्ति के लिए जजों का एक पैनल बना कर केंद्रीय ग्रह मंत्रालय को भेज दिया है। उम्मीद है कि इस पैनल में से एक जज को गुरुद्वारा चुनाव आयोग का कमिश्नर नियुक्त कर एसजीपीसी के चुनाव का रास्ता साफ कर दिया जाएगा।
वकील एचएस फूलका ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय को उनके द्वारा लिखे पत्र के जवाब में कहा था कि वर्तमान में एसजीपीसी का कार्यकाल 2016 में समाप्त हो चुका है। एसजीपीसी के चुनाव की प्रतिक्रिया शुरू हो चुकी है। केंद्र सरकार ने गुरुद्वारा चुनाव आयोग के गठन के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से जजों का एक पैनल भेजने की अपील की थी। हाईकोर्ट ने जजों का पैनल केंद्र सरकार को भेज दिया है। उन्हें उम्मीद है कि श्री गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के समागम के बाद गुरुद्वारा चुनाव आयोग की नियुक्ति हो जाएगी। फूलका ने कहा कि प्रकाश पर्व को लेकर कौम में कोई विवाद खड़ा नहीं होना चाहिए, ताकि केंद्र पर एसजीपीसी चुनाव कराने का दबाव बनाया जा सके।
वर्तमान में एसजीपीसी गैर कानूनी ढंग से कर रही है काम
वरिष्ठ वकील फूलका ने कहा कि 2016 में एसजीपीसी का चुनाव शिअद के अध्यक्ष सुखबीर बादल की ओर से केंद्र सरकार पर डाले गए दबाव के कारण नहीं हुआ था। एसजीपीसी का कार्यकाल 2016 में खत्म हो चुका है। वर्तमान में एसजीपीसी गैर कानूनी ढंग से काम कर रही है और गैर कानूनी ढंग से काबिज है। सिख धर्म की सर्वोच्च संस्था एसजीपीसी का चुनाव तीन वर्ष बाद भी न कराना सिखों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल को याद रखना चाहिए की एसजीपीसी का कार्यकाल पूरा हो चुका है।