पठानकोट में चक्की दरिया में पानी भरने से घरों में आई दरारें।
- फोटो : अमर उजाला
बारिश का मौसम आते ही चक्की दरिया के किनारे रहने वाले परिवारों की धड़कन बढ़ गई है।
दरिया में उफान आने के साथ ही इनके घरों पर खतरा मंडराने लगता है। यहां रहने वाले आठ परिवारों ने बाढ़ आने से पहले मकान सुरक्षित करने के लिए कदम उठाने की मांग जिला प्रशासन और सरकार से की है।
हर वर्ष की बाढ़ से परेशान होकर चक्की दरिया के किनारे पर रहने वाले 4 परिवार पिछले वर्ष पलायन कर गए थे। यहां अभी भी 8 परिवार रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश होने के चलते चक्की दरिया में पानी बढ़ना शुरू हो गया है और किसी समय भी इन घरों पर बाढ़ का पानी कहर ढा सकता है। रंजीत सिंह व उसके परिवार ने बताया कि वह 23 वर्षों से यहां रह रहे हैं। हमारे घर का दरिया की तरफ का भाग बह चुका है और दो ही कमरे हैं। एक कमरे में परिवार के 6 सदस्य रह रहे हैं। और दूसरा कमरा भी किसी भी समय बाढ़ का ग्रास बन सकता है।
दूसरे परिवार के अजय कुमार ने बताया कि हर वर्ष हम बाढ से प्रभावित होते हैं। कमरे टूट चुके हैं। सरकार से सहायता मांगी थी। कोई मदद नहीं मिली है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
पार्षद योगेश ठाकुर ने बताया गांववासियों की 9 सदस्यीय कमेटी के माध्यम से सरकार को समस्या संबंधी प्रार्थनाएं भेजी गई थी। अभी तक मिले 95 लाख रुपये का फंड से 8.50 मीटर का क्षेत्र 30 फुट तक मिट्टी भरा गया है। साइड पर क्रेट लगाए गए हैं। पार्षद का कहना है कि सरकार एक करोड़ रुपये का फंड और दे, तभी पूरी समस्या का निवारण हो सकता है और यहां रहने वाले परिवार सुरक्षित हो सकते हैं।