पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी कुछ कारणों के चलते मंगलवार को विजिलेंस ब्यूरो के समक्ष पेश नहीं हुए। सोनी की ओर से वकील के साथ ब्यूरो के दफ्तर पहुंचे उनके भतीजे विकास सोनी ने सात दिन का समय मांगा है। ब्यूरो की तरफ से 29 नवंबर को संपत्ति बाबत दिया गया प्रोफार्मा भरकर सोनी को मंगलवार को दफ्तर में जमा करवाना था।
गौर हो कि आय से अधिक संपत्ति की शिकायत होने की शिकायत के बाद पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व उपमुख्यमंत्री को नोटिस जारी कर 25 नवंबर को पेश होने को कहा था, लेकिन शहर से बाहर होने के चलते सोनी 29 नवंबर को ब्यूरो के एसएसपी वरिंदर सिंह के समक्ष पहुंचे और मामले की जांच में पूर्ण सहयोग करने का भरोसा दिया। तब उन्होंने एसएसपी को बताया था कि वे विधानसभा के सात-आठ चुनाव लड़ चुके हैं और हर बार उन्होंने चुनावों के नामांकन पत्र के साथ अपनी और अपने परिवारिक सदस्यों की संपत्ति का ब्योरा चुनाव कमीशन को एफिडेविट के रूप में दिया है।
विजिलेंस ब्यूरो दफ्तर ने पूर्व उप मुख्यमंत्री को प्रोफार्मा दिया, जो उन्हें भरने के बाद मंगलवार को ब्यूरो के दफ्तर में देना था। एसएसपी वरिंदर सिंह ने बताया कि वे शहर से बाहर हैं और वहां डीएसपी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि ओपी सोनी के रिश्तेदार द्वारा मैसेज भेजकर कुछ और समय मांगा है, जो उन्हें दे दिया गया है।