शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद जगमीत सिंह बराड़ ने मंगलवार को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से मुलाकात की। इस दौरान अकाली दल की कार्यप्रणाली और अकाली लीडरशिप की गतिविधियों और अकाली दल के भविष्य के मुद्दों पर लंबी चर्चा की गई। इसके बाद उन्होंने अकाली दल के पदों से त्यागपत्र दे दिया है।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के साथ बैठक के बाद जगमीत सिंह बराड़ ने कहा कि वह आम कार्यकर्ता के रूप में दल को मजबूत बनाने के लिए काम करते रहेंगे। अकाली दल में नेतृत्व परिवर्तन समय की जरूरत है। तभी दल दोबारा अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है। जगमीत बराड़ ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने भी उन्हें आदेश दिया है कि वह अकाली दल को मजबूत बनाने के लिए काम करें।
विधानसभा और लोकसभा उपचुनाव में अकाली दल की हार के कारणों की तलाश के लिए अकाली नेता धुंधा की अगुवाई में एक कमेटी गठित की गई थी। उसकी रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ने भी अकाली दल में नेतृत्व परिवर्तन के संबंध में आदेश दिए थे, जिसे भी लागू नहीं किया गया है।
जो जानकारी मांगी वो हाईकमान को भेज दी
कारण बताओ नोटिस पर जगमीत बराड़ ने कहा कि उनकी ओर से सारी जानकारी पार्टी हाईकमान को भेज दी गई है। पहले उन्हें छह दिसंबर को अनुशासन कमेटी के सामने पेश होने के लिए कहा गया था। अब खुद ही पार्टी ने तारीख बदलकर 10 दिसंबर कर दी है। उसने जो भी पूछा गया था उसका जवाब भेज दिया गया है।