किसानों ने सोमवार को अपनी मांगों के समर्थन में अमृतसर के अमृतसर–गंगा नगर रोड पर ट्रैफिक जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेश महासचिव र्स्वण सिंह पंधेर के नेतृत्व में किसानों ने लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने और कृषि कानूनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले पंधेर के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करके उनके समक्ष किसानों की मांगे रखी।
किसान नेता पंधेर ने इन मांगों को लेकर मंगलवार को जिला स्तर पर डीसी दफ्तरों के बाहर रोष धरना देने का एलान किया। पंधेर ने कहा कि लखीमपुर खीरी कांड के आरोपी केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। सरकार को अपने मंत्री को बर्खास्त कर देना चाहिए था, लेकिन सरकार इसमें कार्रवाई करने के बजाए किसानों को उलझा कर रखना चाहती है। कृषि कानूनों को लेकर किसान आंदोलन लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांगों के समर्थन में 26 अक्तूबर को जिला स्तर पर डीसी दफ्तरों का घेराव करेंगे।
मजदूर संघर्ष कमेटी के जिला प्रधान लखविंदर सिंह वरियामनंगल ने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुना करने की बात करती है। मगर आज पेट्रोल का रेट करीब 110 रुपये और डीजल का रेट 100 रुपये तक पहुंच गया है। इसकी मार किसानों पर तो है। इसके साथ आम आदमी पर इसका बहुत असर है। सरकार को पेट्रोल-डीजल के रेटों पर कंट्रोल करना चाहिए जिससे आम आदमी को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी घटना में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त कर जेल में डाला जाना चाहिए। लखीमपुर खीरी घटना में दर्ज एफआईआर में मिश्रा को 120-बी में रखा गया है।
यह भी पढ़ें : किसानों पर मौसम की मार: बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान, कहीं झड़े दाने तो कहीं फसलें पानी में डूबीं
किसान नेता निशान सिंह चब्बा और रंजीत सिंह कलेरबाला ने कहा पंजाब में खाद का संकट है। किसानों को मंडियों में लूटा जा रहा है। किसानों को फसल की तय कीमत नहीं मिल रही। बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसल बर्बाद कर दी है। सरकार किसानों की मुश्किलों की तरफ ध्यान दे। बारिश से खराब हुई फसलों का मुआवजा सरकार को जल्द से जल्द किसानों को देना चाहिए।