एसजीपीसी के अध्यक्ष बोले- प्रतिनिधिमंडल आज राज्यपाल से मिलने जाएगा
एसजीपीसी ने केंद्रीय गृहमंत्री से मुलाकात के प्रयास किए शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर धामी ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने बंदी छोड़ दिवस पर अपने संदेश में पंथ और सिख संगठनों को बंदी सिंहों की रिहाई के लिए सक्रिय प्रयास करने का आदेश दिया। परंतु दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीपीसी) के इस मामले में दिए बयान पूरी तरह राजनीति से प्रेरित हैं और पंथ में फूट डालने की कोशिश है। धामी ने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई का मामला पूरे पंथ का है और इसे लेकर किसी तरह की विवादित बयानबाजी ठीक नहीं है। कमेटी का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल वीरवार को पंजाब के राज्यपाल से मिलने जा रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री के साथ मुलाकात की व्यवस्था करने के प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं। इसके लिए एसजीपीसी के सचिव स्तर के अधिकारियों का गृह मंत्रालय जाने का कार्यक्रम बनाया जा रहा है।
धामी ने कहा कि एसजीपीसी बंदी सिंहों की रिहाई के लिए कभी चुप नहीं रही और अब भी गंभीर है। कुछ समय पहले श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश पर एसजीपीसी ने 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, लेकिन अफसोस है कि इसे तार-तार करने में दिल्ली कमेटी के पदाधिकारियों की भूमिका भी कम नहीं थी। उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली कमेटी को बताना चाहिए कि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए अब तक उन्होंने क्या प्रयास किए हैं।
धामी ने कहा कि एसजीपीसी बंदी सिंहों की रिहाई के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अब भी श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार प्रयास किए जा रहे हैं। धामी ने कहा कि एसजीपीसी का एक प्रतिनिधिमंडल जेल में बलवंत सिंह राजोआणा से भी मिलेगा और उनके साथ गंभीर चर्चा के बाद उन्हें पंथक जिम्मेदारी से अवगत कराया जाएगा। इसलिए पंजाब के डीजीपी जेल को पत्र लिखकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार जल्द ही सभी सिख संगठनों की एक विशेष बैठक भी बुलाई जाएगी।