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गुरु नानक देव अस्पताल में उपचाराधीन नशा तस्कर फरार

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अमृतसर। गुरु नानक देव अस्पताल के मेडिसन वार्ड नंबर चार में उपचाराधीन हवालाती पुलिस को चमका देकर फरार हो गया। तरनतारन की जेल में हालत बिगड़ने पर आरोपी को इलाज के लिए गुरु नानक देव अस्पताल में लाया गया था। शनिवार रात हुई इस वारदात के तुरंत बाद आरोपी की निगरानी में तैनात पुलिस के तीन कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। मजीठा रोड थाने की पुलिस ने अस्पताल से फरार हवालाती के खिलाफ भी केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
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एसीपी वरिंदर सिंह खोसा ने बताया कि मामले के आरोपी को गिरफ्तार किए जाने पर पुलिस पार्टियां दबिश दे रही हैं। जानकारी के मुताबिक जालंधर के गोराया के गांव पिद्दी खालसा निवासी सुखदीप सिंह एनडीपीएस मामले में तरनतारन की जेल में बंद था। उसके खिलाफ कई अन्य थानों में भी नशा तस्करी, चोरी और लूट के केस दर्ज हैं। कुछ समय पहले ही तरनतारन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शनिवार को अचानक उसकी तबीयत खराब होने पर इलाज के लिए गुरु नानक देव अस्पताल के मेडिसन वार्ड नंबर 4 में दाखिल करवाया गया। तरनतारन की जेल में बंद दो अन्य हवालातियों की भी तबीयत खराब हो गई।
जिसके बाद तरनतारन जेल प्रशासन ने आरोपियों की बिगड़ी हालत को देखते हुए गुरु नानक देव अस्पताल में चेकअप करवाने के लिए 8 पुलिस कर्मचारियों के साथ भेजा। अस्पताल में दो हवालातियों की जांच के बाद प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें वापस, जबकि सुखदीप सिंह को मेडिसन वार्ड में दाखिल करवाया गया। इस दौरान 3 पुलिस कर्मचारियों को आरोपी की निगरानी करने के लिए तैनात कर दिया। लेकिन शनिवार को रात आरोपी तीनों पुलिस कर्मचारियों को चकमा देकर अस्पताल से फरार हो गया।
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मजीठा रोड थाने की पुलिस ने तरनतारन पुलिस लाइन के लाइन आफिसर बिक्रमजीत सिंह की शिकायत पर जालंधर के गोराया स्थित पिद्दी खालसा गांव निवासी सुखदीप सिंह (विचाराधीन कैदी), के साथ-साथ तरनतारन के वेरोवाल निवासी एएसआई जगजीत सिंह वेरोवाल, जोहलवाला गांव निवासी एएसआई जगजीत सिंह, पट्टी स्थित गार्डन कालोनी निवासी एएसआई परविंदर सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। एसीपी वरिंदर सिंह खोसा ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। जबकि आरोपी की निगरानी में तीनों पुलिस कर्मचारियों को निलंबित करने के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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