भारत-पाक सीमा अजनाला सीमांत इलाका रमदास में स्थित बार्डर ऑब्जर्विंग पोस्ट (बीओपी) चन्ना के क्षेत्र में बुधवार-गुरुवार को दो बार ड्रोन आया। सीमा पर गश्त कर रहे बीएसएफ के जवानों ने दोनों बार पहले इलेम्युनेशन फायर (रोशनी फायर) दागे और फिर ड्रोन की आवाज की दिशा में फायरिंग की। जिसके बाद यह ड्रोन पाकिस्तान की तरफ लौट गया।
जानकारी के मुताबिक रमदास की सीमा बीएसएफ के जवान बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि गश्त कर रहे थे। इस दौरान रात करीब 12.45 बजे उन्होंने भारतीय क्षेत्र बीओपी चन्ना क्षेत्र में ड्रोन की आवाज सुनी। जवानों ने पहले रोशनी फायर किया और उसके बाद ड्रोन की आवाज की दिशा में फायर किए। इसके बाद ड्रोन की आवाज बंद हो गई।
इसके करीब 5 मिनट बाद फिर से जवानों ने ड्रोन की आवाज सुनी तो जवानों ने उसका निशाना लगाते हुए फायरिंग की, जिसके बाद यह ड्रोन पाकिस्तान लौट गया। इसकी जानकारी मिलते ही बल के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए और गुरुवार सुबह सर्च अभियान चलाया। हालांकि इस दौरान बीएसएफ को वहां से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। वहीं दूसरी तरफ बीएसएफ के जवानों ने अमृतसर के ही सीमांत इलाका बीओपी रतनखुर्द में हरे रंग की दो बोतलों में हेरोइन बरामद की।
सीमांत इलाका में बीएसएफ ने ड्रोन की आमद से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। इसके लिए सीमा पर आधुनिक टेक्नोलॉजी स्थापित की गई है। इस टेक्नोलॉजी की मदद से ही पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन को वापस लौटने को मजबूर कर दिया जाता है। इसे लेकर बीएसएफ लगातार पुलिस के आला अधिकारियों के साथ संपर्क में है और समय-समय पर उन्हें इस बाबत चौकस किया जाता है। ड्रोन आने के बाद चलाए जाने वाले सर्च अभियान में कुछ नहीं मिलना अधिकारियों के लिए चिंता का विषय है। उन्हें संदेह है कि इस तरह की ड्रोन की आमद रेकी के लिए होती है।