संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। गुरुनानक देव अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. जेपी अत्री ने कुर्सी छोड़ दी है। उन्होंने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इस्तीफे के संदर्भ में उन्होंने मेडिकल शिक्षा एवं खोज विभाग को बाकायदा ई-मेल भेज दी है। हालांकि विभाग ने उन्हें सोमवार तक एमएस के पद पर रहने को कहा है। सोमवार तक विभाग नए एमएस की तैनाती कर सकता है।
डॉ. अत्री ने चार माह पूर्व एमएस की कुर्सी संभाली थी। वह एनेस्थीसिया विभाग के प्रोफेसर हैं। पद संभालते ही उन्होंने अस्पताल के विकास व मरीजों की सेवा का संकल्प लिया था। चार माह तक निष्पक्ष होकर काम करते रहे। उनके इस्तीफे से सभी स्तब्ध हैं। डॉ. अत्री ने पद छोड़ने का कारण व्यक्तिगत बताया है।
हालांकि सूत्रों के अनुसार डॉ. अत्री ने पद इसलिए छोड़ा है क्योंकि विभाग अस्पताल के सुधार की दिशा में काम नहीं कर रहा था। स्टाफ की कमी व जरूरी सामान की मांग बार-बार की जाती रही। इसके अलावा विभागीय काम का अत्यधिक दबाव भी रहा। डा. अत्री ने कहा कि वह एनेस्थीसिया विभाग में पूर्व की तरह सेवाएं देंगे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में डॉ. जगदेव सिंह कुलार ने भी एमएस का पद छोड़ा था। डॉ. कुलार के बाद यह दूसरी बार है कि किसी अधिकारी ने स्वेच्छा से खुद को कुर्सी से अलग किया हो। डॉ. कुलार ने भी पद छोड़ने की वजह का व्यक्तिगत बताया था। हालांकि उनकी शिकायत यह रहती थी कि स्टाफ काम नहीं करता। किसी भी काम को गंभीरता से नहीं लेता।