वीरवार को दो लोहा कारोबारियों के साथ शान-ए-पंजाब में हुई घटना
ट्रेन स्टाफ पर धमकाने और जलील करने के लगाए आरोप, पीएम को किया ट्वीट
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। दुबई से लौटे बटाला के दो लोहा कारोबारियों को वीरवार को दिल्ली से आई शान-ए-पंजाब ट्रेन में सफर महंगा पड़ गया। एयर कंडीशंड चेयरकार का टिकट होने के बावजूद रेल स्टाफ ने उनसे दुर्व्यवहार किया और कन्फर्म टिकट का मैसेज दिखाने के बाद भी टीटीई ने कारोबारियों का नया टिकट बना दिया। बटाला के लोहा कारोबारी हरसिमरन सिंह और अमृतपाल सिंह ने इस मामले में पीएम नरेंद्र मोदी, रेलमंत्री और डीआरएम अंबाला मंडल को ट्वीट कर ट्रेन स्टाफ पर धमकाने और जलील करने के लगाए आरोप हैं।
कारोबारी हरसिमरन सिंह ने बताया कि वह अपने दोस्त अमृतपाल सिंह के साथ दुबई से लौटे हैं। उन्होंने दिल्ली निवासी रिश्तेदार जरिये 17 अक्तूबर को दोपहर शान-ए-पंजाब की दो चेयरकार टिकट रिजर्व करवाए। उनकी 26 और 34 नंबर पर वेटिंग थी। वीरवार को सुबह उनके मोबाइल पर दोनों सीटें कन्फर्म होने का संदेश आया, जिसमें उन्हें सीट नंबर 71 और 72 कन्फर्म बताई गई।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह वे शान-ए-पंजाब में सवार हुए। अंबाला कैंट से पहले टीटीई स्टाफ ने चेकिंग शुरू की। सतीश रोहिल्ला नामक टीटीई उनके पास आया और टिकट दिखाने को कहा। उन्होंने रेल विभाग की ओर से मोबाइल पर टिकट कंफर्म होने का मैसेज दिखाया। मगर टीटीई ने उसे अवैध बताते हुए धमकाना शुरू कर दिया और ट्रेन से फेंकने की धमकी देते हुए जल्द नया टिकट बनवाने को कहा। उन्होंने टीटीई को समझाने के प्रयास किए, मगर वह नहीं माना।
उन्होंने बताया कि रेलगाड़ी अंबाला कैंट पहुंचने पर टीटीई ने फोन कर पुलिस कर्मियों को बुला लिया और जेल भेजने की धमकी देने लगा। उन्होंने इस दौरान ट्वीट कर रेल मंत्रालय, पीएम मोदी और संबंधित अन्य विभागों को इसकी शिकायत कर दी। यह देख टीटीई भड़क गया और उनकी कन्फर्म टिकट होने के बावजूद ट्रेन में ही एक और टिकट बना दिया।
ऑनलाइन भुगतान करने को कहा तो किया जलील
कारोबारियों ने बताया कि उनके पास भारतीय करंसी नहीं थी। इस पर उन्होंने ऑनलाइन भुगतान के लिए कहा तो टीटीई ने उन्हें बहुत जलील किया। यह देख उनके साथ सफर कर रहे एक यात्री ने 1270 रुपये नकद का भुगतान किया। वहीं अंबाला डिवीजन के डीआरएम मंदीप सिंह ने बताया कि वह जांच करवाएंगे और आरोपी पाए जाने पर संबंधित रेल स्टाफ पर कार्रवाई की जाएगी। रेल मामलों के माहिर व आरटीआई कार्यकर्ता पीसी शर्मा ने बताया कि टिकट कन्फर्म होने के बाद भी यात्रियों का टिकट नहीं काटा जा सकता है। केंद्र ने रेल विभाग समेत अपने सभी विभागों को डिजीटलाइज किया है, मगर इसमें टीटीई की नीयत साफ नहीं लगती। अगर वह चाहता तो यात्रियों का टिकट अपने मोबाइल पर भी चेक कर सकता था, लेकिन उसने ऐसा न कर यात्रियों को परेशान किया।