जांच में सामने आया कि वह करीब एक साल पहले पाकिस्तान की पीआईओ अधिकारी नेहा सिंह के साथ फेसबुक के जरिए संपर्क में आया था। नेहा सिंह ने खुद को आईटी प्रोफेशनल बताया और दावा किया कि वह बंगलुरु बेस्ड भारतीय सेना के आईटी सेक्शन में काम करती है। दोनों का फेसबुक के बाद मैसेंजर और व्हाट्सएप के साथ ही अन्य प्राइवेट मैसेजिंग कॉलिंग एप पर संपर्क स्थापित हो गया। आरोपी मनदीप पीआईओ नेहा सिंह के साथ उसके एक यूके बेस्ड नंबर तथा भारतीय नंबरों पर संपर्क में था।
एसएसओसी अधिकारियों की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नेहा सिंह की जासूसी गतिविधियों से प्रभावित हुआ तो इस पीआईओ महिला अधिकारी ने उसे पठानकोट में सेना, एयरबेस तथा अमृतसर कैंटोनमेंट की गतिविधियों की जानकारियां देने का काम दिया। आरोपी ने एनक्रिप्ट एप के जरिए कुछ दस्तावेज और फोटोग्राफ भेजे। मनदीप के फोन की जांच में उसमें से देश की सुरक्षा और भारतीय सेना और एयरफोर्स बेस से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पाए गए हैं।
प्राथमिक जांच में पता चला कि देश की खुफिया जानकारियां आईएसआई को देने के बदले पीआईओ अधिकारी नेहा सिंह ने आरोपी को अलग-अलग तरीकों से पैसों का भुगतान किया। इस जासूस ने पाकिस्तान की इस महिला अधिकारी को पठानकोट के अन्य नंबर भी दिए। एसएसओसी के थाने में इसके खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट की धारा 3,4,5,9 और 120-बी के तहत केस दर्ज कर लिया है।
आरोपी पर सिरसा में दर्ज हैं दो आपराधिक मामले
जांच के दौरान सामने आया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए काम करने वाले मनदीप सिंह के खिलाफ उसके गृह नगर सिरसा में दो अपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ सिरसा में मारपीट करने के आरोपों में आईपीसी की धारा 323, 325, 506 और 34 के तहत केस दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि वह पुलिस से बचने के लिए ही सिरसा छोड़ कर पठानकोट में आकर क्रशर प्लांट पर काम करने लगा था।