फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amritsar: नकली पुलिस वाले बनकर लोगों को डरा करते थे वसूली, कमिश्नरेट पुलिस ने दो भाइयों को किया गिरफ्तार

Fri, 01 Jul 2022 04:06 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

डी डिवीजन के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रोबिन ने बताया कि अंकित नामक युवक ने डी डिवीजन पुलिस को बताया कि वह मोबाइल का काम करता है। कुछ समय पहले दो लोगों ने तरनतारन पुलिस के कर्मचारी बताते हुए उसे धमकाया कि वह गलत तरीके से मोबाइल बेचता है।
विज्ञापन
arrest - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने शहर में लोगों को डरा-धमका कर वसूली करने वाले दो लोगों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। लाहौरी गेट के रहने वाले इन दोनों आरोपियों में से एक युवक खुद को पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताता तो दूसरा खुद को हवलदार बता कर लोगों से वसूली करते थे। पुलिस ने इनसे 32 हजार रुपये बरामद करने के बाद दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर इनके खिलाफ कार्रवाई शुरु कर दी है।

विज्ञापन


डी डिवीजन के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रोबिन ने बताया कि अंकित नामक युवक ने डी डिवीजन पुलिस को बताया कि वह मोबाइल का काम करता है। कुछ समय पहले दो लोगों ने तरनतारन पुलिस के कर्मचारी बताते हुए उसे धमकाया कि वह गलत तरीके से मोबाइल बेचता है। एक ने खुद को पंजाब पुलिस का सब-इंस्पेक्टर और दूसरे ने हवलदार बताया और 90 हजार रुपये की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो उसके खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर ले जाएंगे। उसने डरते हुए उन्हें उक्त राशि दे दी। इसके दो दिन बाद फिर उक्त युवकों ने उसे फोन करके और 50 हजार रुपये की मांग की।

थाना प्रभारी ने बताया कि यह दोनों भाई भराड़ीवाल इलाका के रहने वाले हैं। एक आरोपी का नाम प्रिथ्वी है और वह 12वीं पास है। दूसरे का नाम युवराज है, जो दसवीं पास है। एक खुद को तरनतारन पुलिस का सब-इंस्पेक्टर जबकि दूसरा खुद को कांस्टेबल बता कर लोगों को धमकाते थे। इंस्पेक्टर रोबिन ने बताया कि आज शिकायत मिलने पर उन्होंने हिंदू कॉलेज के निकट से दोनों को गिरफ्तार कर शिकायतकर्ता से पहले वसूले गए 90 हजार रुपये में से 32 हजार रुपये बरामद कर उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपी भाइयों से किसी तरह का पहचान पत्र या पुलिस की कोई यूनिफार्म बरामद नहीं हुए। आरोपियों से पूछताछ कर पता लगाया जा रहा है कि अभी तक वे कितने लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।   

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें