संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शहर में की जाने वाली वार्ड बंदी लोगों के लिए बड़ी परेशानी खड़ी करने वाली है। नगर निगम की तरफ से अपने तकनीकी स्टाफ को इस काम में झोंक दिया है। इससे शहर में जल आपूर्ति और सीवरेज की सफाई व्यवस्था पर संकट के बादल छा गए हैं। सोमवार को सुबह शहर के कई इलाकों में जल आपूर्ति पूरी तरह से प्रभावित रही, तो कुछ इलाकों में सीवरेज व्यवस्था बुरे तरीके से चरमरा गई। क्योंकि वार्डबंदी का काम 30 जून तक पूरा किया जाना है। तो अगले कई दिनों में भी इसी तरह की व्यवस्था रहने की संभावना है।
आधुनिक ट्यूबवेल के टाइमर पर है जल आपूर्ति
निगम की तरफ से वार्डबंदी के काम में ट्यूबवेल आपरेटरों को तैनात किया है, तो शहर में जल आपूर्ति शहर में चलने वाले आधुनिक ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई टाइमर पर ही निर्भर करती है। ट्यूबवेल में टाइमिंग सेट कर रखी है, तो यह सुबह, दोपहर और शाम को फीड किए गए समय पर खुद-ब-खुद ही आन हो जाते हैं। अगर इनमें कहीं कोई गड़बड़ी आ जाए, तो अधिकारियों को इसका पता ही नहीं चल पाता। इसका पता तभी चलता है जब लोग संबंधित अधिकारी को इसकी शिकायत करते हैं। वहीं दूसरी तरफ सीवरेज की सफाई के लिए सक्कर मशीनें चलाने वालों को भी वार्डबंदी में लगाया गया है। इसके चलते सीवरेज सफाई के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बड़ी-बड़ी मशीनें आपरेट करने में दिक्कत आने लगी है।
क्या है वार्डबंदी
इस साल के अंत तक नगर निगम के चुनाव होने वाले हैं तो इससे पहले पंजाब सरकार की ओर से वार्डबंदी के तहत घर-घर सर्वे करवाया जा रहा है। इस सर्वे का काम 30 जून 2022 तक पूरा किया जाना है, तो नगर निगम ने इसके लिए अन्य कर्मचारियों के साथ-साथ अपने तकनीकी स्टाफ को भी लगा दिया है। इसके तहत हर कर्मचारी को रोजाना कम से कम 30 घरों का सर्वे कर रिपोर्ट देनी होती है। इस सर्वे के आधार पर ही वार्डबंदी की अंतिम रिपोर्ट तैयार की जानी है।
हकीमां गेट निवासी विजय कुमार, सुमनजीत कौर, जागीर सिंह और बोबी ने बताया कि उनके इलाके में पिछले कई दिनों से जल आपूर्ति प्रभावित हुई है। इलाके में बिना मोटर के पानी तो आता ही नहीं, लेकिन कुछ दिनों से मोटर चलाकर भी घरों में पानी नहीं आ रहा। पूरे दिन में छह से सात घंटे ही पानी की सप्लाई आती है। इलाके में जब सभी लोग एक साथ मोटर चला देते हैं तो पानी का प्रेशर बहुत कम हो जाता है, पानी के साथ पाइपों के अंदर का जंगाल भी आने लगता है।
कोट-
वैसे तो ट्यूबवेल आपरेटरों की जल आपूर्ति में किसी तरह की भूमिका नहीं रहती। लेकिन इसके चलते अगर लोगों को परेशानी आ रही है, तो ट्यूबवेल आपरेटर्स को वार्डबंदी के काम से निकाल कर उन्हें उनकी मूल ड्यूटी पर लगा दिया जाएगा। वार्डबंदी के काम को समय पर पूरा करवाने के लिए 200-300 लोगों की सेवाएं लेने संबंधी मंजूरी के लिए चंडीगढ़ दफ्तर को लिखेंगे, ताकि जरूरी स्टाफ को उनकी मूल ड्यूटी में लगाया जा सके।
-हरदीप सिंह, संयुक्त कमिश्नर, नगर निगम अमृतसर।