फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amritsar: चर्च में बेअदबी करने वालों की गिरफ्तारी की मांग, धरने पर बैठे ईसाई संगठन

Tue, 27 Sep 2022 03:49 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

ईसाई नेताओं ने सड़क पर धरना देकर करीब दो घंटे यातायात रोके रखा। इस कारण अमृतसर शहर की सारी ट्रैफिक व्यवस्था अव्यवस्थित हो गई।
विज्ञापन
अमृतसर में प्रदर्शन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ईसाई समुदाय ने कस्बा पट्टी की चर्च में मूर्तियों की बेअदबी करने वालों को अभी तक गिरफ्तार न करने पर पंजाब बंद व चक्का जाम के आह्वान पर अमृतसर में विशाल रोष प्रदर्शन व रैली की गई। अमृतसर- अटारी जीटी रोड पर रेलवे स्टेशन के पास अलग-अलग ईसाई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में इकट्ठे होकर रोष धरना व प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक यातायात जाम रखा।

विज्ञापन

 
प्रशासन ने रूट डायवर्ट भी किया मगर करीब पांच घंटे अमृतसर की यातायात व्यवस्था चरमराई रही। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जैसे सारा शहर ही जाम हो गया हो। प्रदर्शनकारी सरकार की ईसाई समुदाय विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। उनकी मांग थी कि घटना के बाद अभी तक एक भी आरोपी क्यों नहीं गिरफ्तार किया जा सका। यहां तक कि अभी तक किसी आरोपी की पुलिस पहचान भी नहीं करवा पाई है। इससे पुलिस की लापरवाही इस मामले को हल करने के संबंध में ढुलमुल नीति स्पष्ट हो रही है।

ईसाई नेताओं प्रधान अवतार, रोहित खोखर प्रधान, प्रधान राजकुमार, आप नेता पदम एंथोनी, बिशप उल्फत राज, पंजाब क्रिश्चियन फेडरेशन के प्रमुख पीटर चीदा आरिफ चौहान, परवेज तंग, यूनाइटेड पास्टर एसोसिएशन के चेयरमैन अली अजर, सुरेंदर गिल, संत विजय क्रिश्चियन, नीरु, संत बलविंदर जॉन, सोहना मिनिस्ट्री पास्टर प्रेम मसीह, सुरजीत थापर ईसा दास टोनी, पूर्ण सफरी ने कहा कि अमृतसर के गांव डडुआणा में निहंगों के साथ हुए ईसाई समुदाय के लोगों के झगड़े के विवाद को भी अभी तक हल नहीं किया गया है।
विज्ञापन


उन्होंने यह मांग भी उठाई कि चर्च की संपत्ति को सरकार अभी तक सुरक्षा दे पाने में भी असफल सिद्ध हो रही है। ईसाई नेताओं ने कहा कि कुछ समय से राज्य में धर्मांतरण के नाम पर जानबूझ कर शांति प्रिय ईसाई समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उनके द्वारा समय-समय पर सरकार और प्रशासन को घटना के आरोपियों के विरुद्ध मांग पत्र देकर गिरफ्तारी की मांग की गई है। परंतु सरकार और प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती दिखाई दी।  सरकार और प्रशासन ईसाइयों पर हुई हिंसक घटनाओं को पूरी तरह से नजरंदाज कर रहा है। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें