संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय ने जापान के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर कैंसर की दवा तैयार करने के लिए संयुक्त शोध कार्य शुरू करने का फैसला किया है। जापानी वैज्ञानिक और जीएनडीयू के शोध विद्यार्थी मधुमक्खियों की ओर से तैयार किए जाने वाले प्रोफेसिल नामक बीज पर शोध कर कैंसर की दवा तैयार करेंगे।
गुरू नानक देव विश्वविद्यालय का कृषि विभाग और बायोटोनिकल साइंस विभाग जापान की वैज्ञानिकों के साथ मिल कर काम करेगा। इस को लेकर जापान के वैज्ञानिकों के साथ जीएनडीयू की ओर से विशेष एमओयू भी साइन किया जाएगा। इन कार्यों को संपन्न करवाने के लिए जापान के विशेषज्ञ 14 अक्टूबर को जीएनडीयू पहुंच रहे है।
जीएनडीयू के कृषि विभाग के मुखी डा प्रताप कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय के बायोटोनिकल साईस विभाग की प्रो. रेनू भारद्वाज की ओर से इस विषय पर पहले भी शोष कार्य किए गए हैं। उनकी अगुवाई में ही जापान से तीन वैज्ञानिक भारत आएंगे और जीएनडीयू के साथ इस दवा को तैयार करने के लिए एमओयू साइन करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रो. रेनू भारद्वाज की ओर से मधुमक्खी की ओर से तैयार किए जाते बीज प्रोफेलिस पर शोध कार्य करके कुछ पशुओं पर रिसर्च की है। जिस के पॉजिस्टव परिणाम सामने आने है। इस से संभावना पैदा हो गई है कि इस प्रोफेलिस की मदद से मनुष्यों में भी कैंसर को ठीक करने के लिए दवा बना सकती है। जापान में पहले भी इस पर काफी शोध हो चुकी है। इस लिए जीएनडीयू की ओर से इस पर काम करने के लिए जापान के साथ सांझा प्रोग्राम बनाया जा रहा है। इस प्रोफेलिस से अलग अलग तरह के न्यूट्रिशन भी तैयार किए जा सकते है। जो मानव स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होंगे।