उधर, पंजाब पुलिस की स्पेशल टीम ने घटना की जानकारी मिलते ही घटनास्थल के आसपास से मोबाइल डंप उठाया और इलाके में रात के समय अज्ञात नंबरों का डाटा खंगाला। टेक्निकल टीम ने बहुत जल्द हरपाल सिंह और फतेहदीप सिंह के मोबाइल फोन का पता लगा लिया क्योंकि घटना के वक्त वहां के आसपास के इलाके में बहुत कम मोबाइल एक्टिव थे।
इसके बाद पुलिस की टीम ने दोनों के मोबाइल सिग्नल को फालो करते हुए दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंच गई और दिल्ली पुलिस की मदद से दोनों को गिरफ्तार करने में सफल हो गई। पुलिस की टीम को अगर कुछ देरी हो जाती तो यह दोनों चाचा-भतीजा मालदीप के रास्ते फ्लाइट लेकर कनाडा के लिए भारत छोड़ चुके होते। यह भी पता चला है कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार हजार कनाडियन डॉलर और ढाई लाख रुपये की इंडियन करेंसी बरामद की है।
यह स्पष्ट नहीं कि उनसे बरामद ढाई लाख रुपये पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर रिंदा ने भेजे थे या किसी और ने दिए थे। पुलिस ने उनके कब्जे से मालदीव के एयर टिकट भी बरामद किए हैं। बॉर्डर जोन के आईजी मोहनीश चावला ने बताया कि एसआई दिलबाग सिंह की गाड़ी में बम लगाने के आरोपों में पकड़े गए रिश्ते में चाचा-भतीजा लगते हैं। हालांकि उन्होंने आरोपियों के कब्जे से बरामद चार हजार डॉलर और इंडियन करेंसी या मालदीव के टिकट बाबत कुछ भी बताने से मना कर दिया।