भिंडी सैंदा थानाक्षेत्र के गांव जस्तरवाल में 5 जनवरी को एक व्यक्ति की ओर से गुरुद्वारा साहिब में पवित्र चीजों के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में बेअदबी की साजिश नहीं होने की बात सामने आई है। जस्तरवाल गांव के 11 सदस्यीय कमेटी के सामने इसमें जांच की गई और आरोपी के रोहिंग्या मुसलमान होने की बात सामने आई है। पिछले करीब सवा साल से अलग-अलग जमींदारों के पास उसके मजदूरी किए जाने का रिकार्ड दर्ज किया गया है। यह बात वीरवार को एसएसपी देहाती राकेश कौशल ने कैंप आफिस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि 5 जनवरी 2022 को गांव जस्तरवाल के गुरुद्वारा नानकसर में बेअदबी की घटना होने पर पुलिस अधिकारियों ने संगत को विश्वास में लेकर आरोपी को भीड़ से अलग कर गिरफ्तार किया था। उन्होंने गांववासियों को इसका सच सामने लाए जाने का विश्वास दिलाते हुए गांव के ही 11 लोगों पर आधारित कमेटी गठित की। उन्हें विश्वास दिलाया कि इस मामले में कमेटी के सदस्यों के सामने ही आरोपी से पूछताछ होगी।
एसएसपी कौशल ने बताया कि इसके बाद आरोपी के मेडिकल व अन्य टेस्ट करवाए और कमेटी के सदस्यों के सामने पूछताछ की गई। उसने अपनी पहचान पश्चिम बंगाल के जिला मालदा के गांव चारकोटला निवासी जेडारोल पुत्र रफीकुल के रूप में बताई। इसके बाद इसके बारे में पता लगाने के लिए उन्होंने मालदा जिला की पुलिस को ईमेल और व्हाट्सएप के जरिये संदेश भेजे, जिनका अभी तक कोई जवाब नहीं आया।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी के रिकार्ड निकाला गया तो पता चला कि इसने लोपोके थाने के गांव कक्कड़ के किसान परमजीत सिंह उर्फ पम्मा के खेतों और डेयरी में करीब सवा साल तक काम किया। इसके बाद बच्चीविंड के मनप्रीत सिंह, भिंडीसैंदा थाने का गांव जस्तरवाल के रछपाल सिंह, इसी गांव के दुकानदार राणा तथा इसी गांव के गुरतेज सिंह उर्फ तेजा के पास लगभग एक माह तक काम किया। जांच कमेटी ने पाया कि वह सीधा है और उससे रोटी के बदले काम करवाया गया।
राकेश कौशल ने बताया कि इस तरह सच सबके सामने आ गया कि यह बेअदबी किसी तरह की साजिश नहीं और आरोपी ने यह हरकत पागलपन में की थी। कमेटी भी पुलिस जांच से पूरी तरह से संतुष्ट है। कमेटी सदस्यों की मौजूदगी में ही आरोपी की दिमागी अस्पताल में जांच करवाई, जहां डाक्टरों ने अदालत को लिखकर दिया कि मेडिकल जांच के लिए आरोपी को 7 दिनों के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया जाए। इस अवसर पर एसडीपी मनोज ठाकुर और एसपी अमनदीप कौर भी उपस्थित थे।
एसएसपी देहाती राकेश कौशल ने बताया कि किसी को भी काम पर रखने के लिए नौकर की पुलिस से वेरिफिकेशन करवानी चाहिए। क्योंकि परमजीत सिंह पम्मा सहित अन्य लोगों ने इस बाबत पुलिस को सूचित नहीं किया तो गांव की कमेटी ने इन लोगों को धार्मिक सजा देने की बात कही है।