विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में बंदी छोड़ दिवस और दिवाली का पावन पर्व खालसाई उत्साह व उल्लास से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई। मुख्य भवन में सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे अरदास करने के लिए श्रद्धालुओं को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
इस अवसर पर विदेश से भी हजारों श्रद्धालु श्री हरमंदिर साहिब पहुंचे। लाखों श्रद्धालुओं ने श्री हरमंदिर साहिब के पवित्र सरोवर के साथ स्थित परिक्रमा में दीप जलाए। रहिरास जी की अरदास के बाद लाखों श्रद्धालु पवित्र परिक्रमा में बैठ गए। गुरु की लाडली फौज निहंग सिंहों ने भी बंदी छोड़ दिवस पर गुरु घर में हाजिरी भरी।
विभिन्न निहंग संगठनों के मुखियों ने अपने साथी सहयोगियों के साथ श्री अकाल तख्त साहिब के परिसर में बैठ कर जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह का सिख कौम के नाम संदेश सुना। इस अवसर पर जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, तख्त श्री केशगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह और तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह गोहर ने निहंग मुखियों को सम्मानित किया।