राज्य का कुख्यात गैंगस्टार जगदीप सिंह जग्गू भगवानपुरिया देहाती पुलिस से रविवार को हुई मुठभेड़ दौरान अपने साथी सहित पकड़ा गया है। तीन साथी फरार होने कामयाब रहे, जिनकी पहचान बॉबी निवासी गुजरपुरा, मनकीत सिंह उर्फ मीता निवासी दादूपुरा, मनकीत सिंह उर्फ मल्ली निवासी दादूपुरा के रुप में हुई है।
जग्गू के कब्जे से 1 किलो ब्राऊन शुगर व अत्याधुनिक हथियार भी बरामद भी किए गए। जग्गू पर कत्ल, चौथ मांगने, नशा बेचने के 25 के करीब मामले चल रहे है। गैंगस्टर को पकड़ने के दौरान हेड कांस्टेबल कमलबीर सिंह, नरिंद्रपाल सिंह कार की टक्कर लगने जख्मी हो गए।
सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान बार्डर रेंज आईजी ईश्वर चंद ने बताया कि उन्हें रविवार को साढ़े चार बजे गुप्ता सूचना मिली कि कुख्यात गैंगस्टर जगदीप सिंह जग्गू भगवानपुरिया अपने अन्य सथियों सहित 2 कारों में सवार होकर जैंतपुरी के गांवों से गुजरता हुआ जांलधर जा रहा है।
इस एसएसपी जसदीप सिंह साहनी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। डीएसपी जुगराज सिंह, इंस्पेक्टर थाना ब्यास प्रीतइंदर सिंह, एसआई सुखविंदर सिंह, अमलोक सिंह, संजीव कुमार , रवद्रिं सिंह नाके पर तैनात किया गया। नाका चविंड़ा देवी के पास लगाया गया।
पुलिस ने स्विफ्ट, डिजाइर कार को रुकने का इशारा किया तो वे तेज रफ्तार से भागा कर ले गए। पुलिस ने पीछा किया तो आगे जा रहे पशुओं के कारण गैंगस्टर अपनी कारें छोड़कर फरार हो गए। आगे जाकर इन्होंने एक मैरिज पैलस पर पनाह ले ली।
वहां पर जग्गू और उसका साथी गाडगुंज सिंह उर्फ शमशेर सिंह गांव भैणीकलां गिरफ्त में आ गए। दोनों कब्जे से 1 किलो ब्राऊन शुगर व 1 पिस्तौल 12 बोर, 5 कारतूस बरामद हुए। जग्गू को गैंग चलाने के लिए बाहर से काफी फंडिग होती थी क्योंकि उसके कई ऐसे दोस्त है जोकि विदेश में रहते है और उसके गौरखधंधे को चलाने के लिए उसकी वित्तीय मदद भी करते थे।
आईजी ने बताया कि कोर्ट में जग्गू को पेश कर 14 दिन की रिमांड मांगी जाएंगी। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान उन्हें जग्गू से कई केसों के खुलासे हो सकते है। आईजी ने बताया घायल पुलिस कर्मियों को प्रोन्नति दी जाएगी।
वर्ष 2013 में पुलिस हिरासत से भागा था
आईजी बोर्डर जोन ने बताया कि गैंगस्टर जग्गू को 2013 रोपड़ से जब किसी केस के लिए अदालत में ले जाया जा रहा था तो वह पुलिस को चकमा देकर वहां से फरार हो गया था था। जग्गू ने शुरुआती पूछताछ में कबूला कि वह कई मशहूर लोगों से साठ लाख तक चौथ ले चुका है। उसके निशाने पर हमेशा दड्डा-सट्टा खेलने वाले रहते थे। पहले उन्हें फोन कर चौथ मांगता था। न देने वालों को जान से मारने के लिए धमकाता था। लोग उसके खौैफ कारण चौथ दे दिया करते थे।
एक दिन में इस्तेमाल करता था एक सिम
आईजी के मुताबिक जग्गू ने कबूला कि वह हर रोज एक नया सिम इस्तेमाल करता था। इस कारण उसे पुलिस व इंटेलीजेंस विभाग नहीं गिरफ्तार कर पाता था। इसके लिए अलग-अलग तरह का पहचान पत्र भी तैयार कर लेता था जिस कारण किसी को शंक भी नहीं होता था।
जग्गू का कोई भी कार्य फेसबुक पर अपलोड करने के लिए उसका एक दोस्त था, जिसकी पहचान वारिस निवासी बटाला अब आस्ट्रेलिया के रुप में हुई है। पुलिस ने उसे भारत में लाने के लिए डीजीपी इंटेलीजेंस विभाग को इंटरपोल के सहयोग से भारत में लाने के लिए लिखा है।