अमृतसर के अतिरिक्त सत्र न्यायधीश की अदालत ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में शनिवार को सुनाए फैसले में चार दोषियों को 10-10 साल की कैद की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई के दौरान केस में शामिल छह महिलाओं के विरुद्ध आरोप साबित नहीं होने पर उन्हें बरी कर दिया गया है। गंगानगर (राजस्थान) में दर्ज जीरो नंबर एफआईआर पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ अमृतसर की कोतवाली थाने की पुलिस ने आईपीसी की धारा 376-डी और 120 के तहत केस दर्ज किया था।
जानकारी के मुताबिक, गंगानगर (राजस्थान) से 2018 में दो लड़कियां भाग कर अमृतसर पहुंची थी जहां सुल्तानविंड रोड स्थित मंदिर वाला बाजार निवासी गगनदीप सिंह उर्फ गगन, जगजीत सिंह लव उर्फ एकम, सुल्तानविंड रोड के विक्रम कुमार उर्फ विक्की और बटाला के चंद्र नगर निवासी जोबनजीत सिंह से मिली। इसी दौरान दोनों लड़कियों की जोगिंदर कौर उर्फ रानी, सुखविंदर कौर सपना निवासी गोपाल नगर, ज्योति निवासी शास्त्री मार्केट, राज, कमलेश वर्मा उर्फ किरण और अंजलि पिपलानी निवासी अबर्न अस्टेट, जालंधर के साथ भी मुलाकात हुई। आरोपियों ने इनके साथ अमृतसर और जालंधर में दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
लड़कियों के परिजनों ने फोन ट्रैक करवाने के बाद उन्हें अमृतसर से बरामद किया। इसके बाद परिजनों ने सभी आरोपियों के खिलाफ कोतवाली पुलिस में शिकायत दी, मगर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट में शिकायत दी। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों पर गंगानगर थाने में उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ जीरो नंबर एफआईआर दर्ज की गई और कार्रवाई के लिए उक्त एफआईआर अमृतसर के कोतवाली थाने में भेजी। कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 376-डी और 120 बी के तहत केस दर्ज करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायधीश दरबारी लाल की अदालत में केस की हुई सुनवाई के दौरान गगनदीप सिंह गगन, जगजीत सिंह लव उर्फ एकम, विक्की कुमार उर्फ विक्की और जोबनजीत सिंह उर्फ शैली को दोषी ठहराया गया। अदालत ने आज सुनाए अपने फैसले में उक्त चारों दोषियों को 10-10 साल की कैद की सजा सुना दी। मामले में शामिल छह महिलाओं के खिलाफ आरोप साबित नहीं होने पर उन्हें रिहा करने के आदेश जारी कर दिए।