शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता व पूर्व संसदीय सचिव विरसा सिंह वल्टोहा मंगलवार को श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हुए और अपनी धार्मिक गलती के लिए माफी मांगी। वल्टोहा ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से पंजाबी समाचार पत्र के संपादक को सिख विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लेने के कारण पंथ से निष्कासित कर दिया गया था। श्री अकाल तख्त का आदेश था कि उनके साथ किसी भी तरह का कोई संबंध न रखा जाए लेकिन गलती के कारण उन्होंने उस अखबार और उसके चैनल को एक इंटरव्यू दिया है।
धार्मिक नियमों के अनुसार मुझसे यह बड़ी गलती हुई है क्योंकि श्री अकाल तख्त के आदेशों के अनुसार मुझे उस अखबार को इंटरव्यू नहीं देना चाहिए था। इस गलती को मैं स्वीकार करता हूं। श्री अकाल तख्त की ओर से मुझे इस गलती के लिए जो भी सजा दी जाएगी मैं उसे स्वीकार करूंगा। विरसा सिंह वल्टोहा ने इस मामले को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के नाम एक पत्र भी श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में सौंपा।