फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amritsar: अकाली नेता बिक्रम मजीठिया का आरोप-मेरे फोन टैप कर रही पंजाब सरकार, घर पर भी रखी जा रही नजर

Fri, 19 Jul 2024 01:26 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

अमृतसर कोर्ट पहुंचे बिक्रम मजीठिया ने कहा कि एसआईटी कानून के अनुसार नही चलती बल्कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेशों का पालन करती है, क्योंकि मुख्यमंत्री गृह मंत्री भी हैं और पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण गृह मंत्री और मुख्यमंत्री को ही करना होता है।
विज्ञापन
बिक्रम मजीठिया - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पूर्व मंत्री और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया है कि पंजाब सरकार उनके फोन टैप कर रही है। वह कब घर से बाहर जाते हैं और कब घर के अंदर जाते हैं, उन पर नजर रखी जा रही है। उनके घर कौन आता-जाता है, इसकी जानकारी पर भी सरकार नजर रख रही है।
विज्ञापन


मानहानि के मामले में अदालत में पेश होने पहुंचे मजीठिया ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से उनकी हर हलचल पर नजर रखी जा रही है। यहां तक उनके फोन तक टैप करवाए जा रहे हैं। जानबूझ कर उन पर एसआईटी का दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है क्योंकि मानहानि मामले में तारीख की जानकारी होने बावजूद एसआईटी की तरफ 18 जुलाई को पेश होने का समन भेजा गया था। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी घेरा और कहा कि मौजूदा समय में वह एसआईटी का उनके खिलाफ गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री होने के साथ ही वह गृह मंत्री भी हैं। इसके तहत पूरा पुलिस विभाग उनके अधीन आता है। अपनी इसी पावर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

मजीठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि नशे के मामले में चालान जरूर पेश किया जाएगा, लेकिन कई एसआईटी बन चुकी हैं। अब मुख्यमंत्री यह बताएं कि चालान उन्होंने पेश करना है या एसआईटी ने। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वह केस रि-राइट कर रहे हैं, जोकि गैर कानूनी है। 
विज्ञापन


मजीठिया ने कहा कि 6 जुलाई को मानहानि के इसी मामले में राज्यसभा सदस्य संजय सिंह अदालत में पेश होकर गए थे। खबरें अखबारों से लेकर चैनलों में चली और उसमें साफ बताया गया कि अगली तारीख 18 जुलाई को है, क्या एसआईटी को इस बारे में नहीं पता था कि उनकी मानहानि केस में तारीख है। 

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार उनके इस केस को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। यही कारण है कि सरकार ने एसआईटी के माध्यम से उन्हें समन भेज दिया, ताकि वह चंडीगढ़ चले जाए और मानहानि केस में पेश न हो सकें। उन्होंने कहा कि वह भी इतने नादान नहीं हैं, उनके पास भी समझदार वकील हैं और उनसे राय लेने के बाद वह पेश होने के लिए पहुंचे हैं।

बागी अकालियों को भी मिले धार्मिक सजा

मजीठिया ने कहा कि अकाल तख्त साहिब से धार्मिक सजा सिर्फ अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर को ही नहीं, बल्कि बागी अकालियों को भी मिलनी चाहिए, क्योंकि बागी अकालियों ने भी अकाली दल की सरकार के दौरान सत्ता का सुख बराबर भोगा है। 

मजीठिया ने कहा कि एसआईटी कानून के अनुसार नही चलती बल्कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेशों का पालन करती है, क्योंकि मुख्यमंत्री गृह मंत्री भी हैं और पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण गृह मंत्री और मुख्यमंत्री को ही करना होता है। ड्रग मामले में अब तक कई एसआईटी बदली जा चुकी हैं, एसआईटी में शामिल अधिकारियों को पहले प्रमोशन दिया जाता है। उनके मामले में एसआईटी का गठन डीजीपी स्तर से लेकर डीआइजी स्तर तक किया गया था। लेकिन अब यह इंस्पेक्टर स्तर पर आ गया है।
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें