जल संसाधन, खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा दी चेतावनी, भूजल बचाने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। पंजाब के जल संसाधन, खनन एवं भू-विज्ञान और भूमि एवं जल संरक्षण मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने सख्त अंदाज में कहा कि अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं। अवैध खनन में शामिल और रॉयल्टी नहीं ले पाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कैबिनेट मंत्री जौड़ामाजरा ने मंगलवार को यह बात माझा के विधायकों और जल संसाधन, खनन एवं भू-विज्ञान और भूमि एवं जल संरक्षण विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कही।
उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि बड़े प्रोजेक्टों में इस्तेमाल की जा रही मिट्टी की रॉयल्टी भी सरकारी खजाने में जमा करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य में सैकड़ों किलोमीटर नेशनल हाईवे बन रहे हैं, लेकिन इनकी पूरी रॉयल्टी सरकारी खजाने में जमा नहीं हो रही। इसलिए इन कार्यों पर लगातार नजर रखें और बनती रॉयल्टी इकट्ठा की जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जिस अधिकारी ने अवैध खनन और रॉयल्टी के मुद्दे पर ढील बरती उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई तय है।
कैबिनेट मंत्री ने पिछले खरीफ सीजन में नहरी पानी खेतों तक पहुंचाने का ब्योरा लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार भूजल को आने वाली पीढि़यों के लिए बचाने के भरसक प्रयास कर रही है। यह काम सिर्फ नहरी पानी का प्रयोग करके ही हो सकता है, इसलिए इस मुद्दे पर किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इस गंभीर मुद्दे प्रति लापरवाही दिखाई, जिसके चलते नहरी पानी का पूरा ढांचा लगभग तबाही के कगार पर पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि नहरों, नालों और ड्रेन की सफाई संबंधी सरकार ने इसके लिए 10 बड़ी मशीनें खरीदी और जरूरत होने पर और मशीनरी की भी खरीद की जाएगी। पूर्व की सरकारें यह काम ठेकेदारों से करवा खानापूर्ति करती रहीं है, लेकिन अब मशीनें खरीदने के खर्च में 60 प्रतिशत की बचत हुई है। इस अवसर पर विधायक शैली कलसी, जसबीर
सिंह संधू, सहायक कमिश्नर रमन बहल, सुखजिंद्रराज सिंह लाली मजीठिया, चेयरमैन बलदेव सिंह मियादियां, रणजीत सिंह चीमा, बलबीर सिंह पन्नू, शमशेर सिंह दीनानगर, गुरदीप सिंह रंधावा भी मौजूद रहे।