श्री कटासराज मंदिर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का एक दल रवाना।
ऐतिहासिक धर्मस्थल श्री कटासराज मंदिर के दर्शन के लिए 85 तीर्थयात्रियों का एक दल हर-हर महादेव के जयकारों के साथ अटारी सीमा से पाकिस्तान रवाना हुआ। इन श्रद्धालुओं में 25 महिलाएं भी शामिल थीं। श्रद्धालुओं के जत्थे की अगुवाई केंद्रीय सनातन सभा (उत्तरी भारत) के अध्यक्ष शिव प्रताप बजाज कर रहे थे। पाकिस्तान रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं ने श्री दुर्ग्याणा तीर्थ में माथा टेका।
श्री दुर्ग्याणा तीर्थ के अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं को सिरोपे भेंटकर सम्मानित किया। कमेटी के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने जत्थे के अध्यक्ष शिव प्रसाद बजाज को श्री रामायण सहित कई धार्मिक किताबें भी सौंपी। जत्थे के सदस्य इन धार्मिक पुस्तकों को कटासराज की यात्रा में मिलने वाले पाकिस्तानी हिंदुओं को देंगे।
बजाज ने कहा कि पाकिस्तान वक्फ बोर्ड द्वारा यात्रा के दौरान पूरे सहयोग का आश्वासन दिया गया था। इसी के बाद श्री कटासराज की यात्रा की तैयारी की गई। श्रद्धालुओं का जत्था 15 और 16 दिसंबर को श्री कटासराज में महापूजन करेगा। इस दौरान मंदिर में श्री गणेश चतुर्थी व अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
श्री कटासराज स्थित श्री अमरकुंड में धनु संक्रांति पवित्र स्नान का आयोजन होगा। रात्रि के समय अमरकुंड के तट के नजदीक दीपमाला की जाएगी। 17 दिसंबर को यात्रा दल लाहौर पहुंचेगा। जहां भगवान श्री कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी। 18 दिसंबर को लाहौर की स्थापना करने वाले भगवान श्रीराम के बेटे लव की समाधि पर श्रद्धा पुष्प अर्पित किए जाएंगे। 19 दिसंबर को तीर्थयात्री वतन लौट आएंगे।
जत्थे में शामिल सतीश शौकीन ने बताया कि भारत-पाकिस्तान के बीच 1974 में हुए समझौते के अनुसार पाकिस्तान श्री कटासराज की यात्रा के लिए देशभर के 200 हिंदू श्रद्धालुओं को वीजा जारी करता है। पाकिस्तान पहुंचने पर वक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। कड़ी सुरक्षा के बीच श्रद्धालु बसों में बैठकर श्री कटासराज के लिए रवाना हुए।