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रातभर की कड़ाके की ठंड में धरने में बैठे रहे जोड़ा फाटक के पीड़ित

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जोड़ा फाटक रेल हादसे में मारे गए 60 लोगों के परिजनों ने तीसरे दिन भी धरना जारी रखा। कड़ाके की ठंड व गुरु नगरी में सुबह दस बजे तक बिछी कोहरे की चादर से तापमान में आई भारी गिरावट के बावजूद भी पीड़ित परिवार मंगलवार रात को भी धरने में बैठे रहे। अपने क्षेत्र के विधायक व पूर्व मंत्री नवजोत सिद्धू की बेरुखी से आहत इन परिजनों के समर्थन में जिला भाजपा अध्यक्ष आनंद शर्मा के नेतृत्व में भाजपाइयों ने मृतकों के परिजनों के साथ मिलकर हाथों में बैनर उठाकर न्याय की मांग की। इस अवसर पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलदेव राज चावला, प्रदेश प्रवक्ता राजेश हनी, राकेश गिल, सुरेश महाजन, प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी जनार्दन शर्मा, जिला महामंत्री डॉ. राम चावला, जिला उपाध्यक्ष संजीव खोसला, अकाली नेता तलबीर गिल, जिला अकाली जत्था शहरी प्रधान गुरप्रताप सिंह टिक्का, अवतार सिंह ट्रकांवाला भी उपस्थित थे।
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पीड़ित परिवारों के सदस्यों भाजपा नेताओं से कहा कि तत्कालीन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने हादसे के बाद पीड़ित परिवारों से जो वादे किए थे, उन्हें मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा पूरा किया जाना चाहिए। पूर्वी विधानसभा से वर्ष 2017 का चुनाव लड़ने वाले भाजपा नेता राजेश हनी ने कहा कि जौड़ा फाटक रेल हादसा कभी न भूलने वाला हादसा है। इस हादसे के जख्म कभी न भरने हैं। इससे मिले दर्द से पीड़ित परिवार कभी नहीं उभर पायेंगे। हादसे के बाद नवजोत सिद्धू ने पीड़ित परिवारों को गोद लेकर उनके भरण-पोषण का वादा भी किया था। सभी परिवारों के एक-एक सदस्य को नगर निगम में नौकरी दिये जाने का वादा किया गया था। जिन परिवारों में छोटे बच्चे हैं, उनकी पढ़ाई का खर्च पंजाब सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा किये गए वादों को न तो सिद्धू द्वारा और न ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पूरा किया है।
हनी ने कहा की इस हादसे में जान गवां देने वाले एक परिवार को अभी तक पंजाब सरकार द्वारा दी गई पांच लाख की सहायता नहीं मिली है। जिन घायलों के इलाज के दौरान या उसके बाद मौत हुई थी, उनको अभी तक मदद नहीं दी गई है। पिछली बार धरने के दौरान एसडीएम के आश्वासन दिया था कि 22 अक्तूबर तक सभी मांगें स्वीकार कर ली जाएंगी, लेकिन कुछ नहीं मिला। न ही उनकी सुध ली गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को 3 दिसंबर तक का समय दिया था, लेकिन वो भी निकल गया है, लेकिन मांगें स्वीकार नहीं की गईं। इसलिए अब यह पीड़ित परिवार इंसाफ व अपनी मांगे मनवाने के लिए धरने पर बैठे हैं और भाजपा उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिला कर खड़ी है ।
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इस अवसर पर सरबजीत शंटी, कुमार अमित, डॉ राजेश राममूर्ति, जोगिंदर वाही, विधु पुरी, शमशेर सिंह शेरा, अलका शर्मा, रोमी चोपड़ा, विनोद बब्बल, राकेश महाजन, हीरा लाल दिगपाल, रमन शर्मा, इंद्रपाल आर्य, कपिल शर्मा, चरणजीत सिंह, सतपाल डोगरा, तरुण अरोड़, चिंटू मेहरा, आशीष महाजन, मोनू मेहरा, नीरू कौड़ा, नवदीप हांडा, विभोर अग्रवाल, रजनीश बहल, बलदेव धवन, रजत चोपड़ा, प्रदीप वर्मा, रमन राठौर, राकेश सलवान, सहित कई भाजपा-अकाली कार्यकर्ता मौजूद थे।
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